आस्था की अग्नि: ‘शिवा मुनि महेश’ के उद्घोष से भक्तिमय हुआ घाघरा”

आस्था की अग्नि: ‘शिवा मुनि महेश’ के उद्घोष से भक्तिमय हुआ घाघरा”


घाघरा (गुमला): श्रद्धा और भक्ति का संगम कहे जाने वाले पारंपरिक मंडा मेला ने घाघरा क्षेत्र को पूरी तरह शिवमय कर दिया है। हापामुनी गांव में आयोजित इस पांच दिवसीय उत्सव के चौथे दिन सोमवार को भक्ति का एक ऐसा सैलाब उमड़ा, जिसने हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया।

नगर भ्रमण में उमड़ा जनसैलाब

सोमवार शाम करीब 5 बजे जैसे ही सैकड़ों भोक्ताओं का जत्था घाघरा मुख्यालय पहुँचा, पूरा इलाका “एक बार बोलो शिवा मुनि महेश” के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा। पीले वस्त्र धारण किए, हाथों में पारंपरिक निशान लिए और भक्ति में लीन भोक्ताओं की लंबी कतार देखने के लिए सड़क के दोनों ओर हजारों लोगों की भीड़ जमा रही।

कठोर तप और सेवा का संगम

यह केवल एक मेला नहीं, बल्कि कठिन तपस्या का पर्व है।

भोक्ता लगातार पांच दिनों तक निराहार रहकर और कठोर अनुशासन का पालन करते हुए भगवान शिव की आराधना करते हैं।नगर भ्रमण के दौरान स्थानीय नागरिकों ने जगह-जगह भोक्ताओं का भव्य स्वागत किया। श्रद्धालुओं के लिए फल और शीतल जल की व्यवस्था कर ‘नर सेवा ही नारायण सेवा’ का जीवंत उदाहरण पेश किया गया।आयोजन समिति के अनुसार, मेले का सबसे रोमांचक और मुख्य आकर्षण 31 मार्च को होने वाला ‘फुलकुंदी’ अनुष्ठान है।

रात में भोक्ता अपनी अटूट श्रद्धा का प्रदर्शन करते हुए धधकते अंगारों पर नंगे पांव चलेंगे। इस अलौकिक दृश्य का साक्षी बनने के लिए दूर-दराज के गांवों से हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।इस धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाने में आदित्य भगत, राजेश मणि पाठक, अनिरुद्ध चौबे, आशीष कुमार सोनी, निलेश मणि पाठक, बिंदेश्वर साहू, सुरेंद्र साहू, प्रधान उरांव सहित मंडा समिति के सदस्य और सैकड़ों श्रद्धालु सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *