कोटा ब्लॉक के परसा पानी स्कूल की जर्जर स्थिति: शिक्षा विभाग की आंखें बंद
बिलासपुर कोटा ब्लॉक के ग्राम पंचायत परसा पानी की सरकारी स्कूल की स्थिति बेहद खराब है। स्कूल की बिल्डिंग टूटी-फूटी है, शौचालय की स्थिति भी खराब है, और बैठने के लिए ठीक से जगह नहीं है। इसके बावजूद शिक्षा विभाग बिलासपुर और कोटा ब्लॉक शिक्षा विभाग ने अपनी आंखें बंद कर रखी हैं।
छत्तीसगढ़ सरकार स्मार्ट क्लास और स्मार्ट स्कूल का दावा करती है, लेकिन परसा पानी स्कूल की स्थिति इसके विपरीत है। सवाल है कि क्या जनप्रतिनिधियों के बच्चे ऐसे स्कूलों में जाएंगे? शिक्षा के नाम पर करोड़ों रुपये खर्च हो रहे हैं, लेकिन शिक्षा अधिकारी सुविधाओं के नाम पर लोगों को ठेंगा दिखा रहे हैं।
स्कूल की स्थिति देखकर लगता है कि गरीब होना एक श्राप है और नौकरशाहों की वजह से शिक्षा विभाग में गंदगी फैली हुई है। किचन से लेकर शौचालय तक, शौचालय से लेकर क्लासरूम तक पूरी तरह से जर्जर हो चुके हैं। जिला शिक्षा विभाग और जिला शिक्षा अधिकारी का इस ओर ध्यान नहीं है। आखिर ऐसा क्यों है?
सवाल उन नेताओं से भी हैं जो चुनाव के समय बड़े-बड़े दावे करते हैं की शिक्षा स्वास्थ्य सड़क बिजली की व्यवस्था हम करेंगे अगर सरकार में आए लेकिन सत्ता के नशा में चूर होकर 5 साल तक क्षेत्र की जनता उन्हें याद नहीं आती है और चुनाव नजदीक आते ही फिर वह दीमक की तरीके से आम आदमी के बीच सक्रिय हो जाते हैं और झूठा अपनापन दिखाते हैं क्या आज उनके बच्चे सरकारी विद्यालयों में पढ़ाई कर रहे हैं अगर नहीं कर रहे हैं तो क्यों क्योंकि उन्हें पता है की सरकारी विद्यालय में जो उन्होंने व्यवस्था बनाई है वह कैसी है शिक्षा के नाम पर सिर्फ लॉलीपॉप आम जनता को दिया जाता है जुमलेबाजी की जा रही है चाहे वर्तमान सरकार हो या पूर्ववर्ती सरकार किसी ने आम जनता के बच्चों का दर्द नहीं सुना और ना ही महसूस किया सवाल है क्या जनप्रतिनिधि जनता को इस्तेमाल करो और फेंक दो नेताओं की ऐसी मानसिकता है क्या
