गुमला में बस चालकों पर की गई सख्त कार्रवाई जिला प्रशासन ने यातायात व्यवस्था में सुधार लाने के लिए उठाया गया कदम गुमला में बस चालकों पर सख्त कार्रवाई, यातायात व्यवस्था सुधारने हेतु प्रशासन का कड़ा रुख
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उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के सख्त निर्देश पर *जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) ज्ञान शंकर जायसवाल ने आज जिले में बस चालकों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की। यह कार्रवाई उन बस चालकों की लगातार अनियमितताओं को ध्यान में रखकर की गई है, जिनके कारण शहर की यातायात व्यवस्था बाधित हो रही थी।
पाई गई मुख्य अनियमितताएँ: शहर के भीतर बस रोकना: प्रशासन के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद शहर के अंदर बसों को रोका जा रहा था। अत्यंत धीमी गति से वाहन चलाना: बस स्टैंड से निकलने के बाद जानबूझकर धीमी गति से वाहन चलाना ताकि रास्ते से यात्री उठाए जा सकें। रास्ते में यात्रियों को चढ़ाना-उतारना: निर्धारित प्वाइंट (भट्ठी तालाब) के अलावा अन्य स्थानों पर यात्रियों को चढ़ाने-उतारने की गतिविधियाँ। नियमों के विरुद्ध मॉडिफिकेशन: कुछ बसों में नियमों के खिलाफ संरचनात्मक बदलाव (मॉडिफिकेशन) भी पाए गए।
प्रशासन का कड़ा रुख और जुर्माना: DTO ज्ञान शंकर जायसवाल ने स्पष्ट किया कि प्रशासन ने पूर्व में ही शहर के अंदर बसें रोकने पर प्रतिबंध लगाया था और केवल भट्ठी तालाब स्थित निर्धारित प्वाइंट से ही यात्रियों के चढ़ने-उतरने की अनुमति थी। धीमी गति से बस चलाने की प्रवृत्ति से शहर की यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रही थी। जुर्माना: आज की कार्रवाई के दौरान ‘बाबा बस सर्विस’ के विरुद्ध ग्यारह हजार पांच सौ रुपये (11,500) एवं जयबाला बस के विरुद्ध 5,650 (पांच हजार छ सो पचास रुपए) का चालान काटा गया।
सख्त चेतावनी और भविष्य की रणनीति: जिला परिवहन पदाधिकारी ने सभी बस संचालकों और चालकों को यातायात व्यवस्था एवं सड़क सुरक्षा के नियमों को दुरुस्त रखने के लिए नियमों का अवहेलना पर कठोर कार्रवाई आगे भी निरंतर रूप से जारी रहेगी
