जीर्णोद्धार का संकल्प लेने के दूसरे ही दिन मंदिर बना मलबा का ढेर,
जल हरि के साथ शिवलिंग गायब

=============================
रतनपुर। 7सितंबर
रतनपुर में स्थित एक प्राचीन मंदिर में शिवलिंग और जलहरि के गायब होने की घटना सामने आई है। यह मंदिर रामटेकरी पहाड़ी के नीचे स्थित बिकमा तालाब के पास है, जो छत्तीसगढ़ की प्राचीनतम राजधानी रतनपुर की ऐतिहासिक विरासत है।
मंदिर की स्थिति
************
मंदिर जीर्ण-शीर्ण हालत में था और हाल ही में एक चावल व्यवसायी की बहन ने यहां शिवलिंग की पूजा-अर्चना कर मंदिर के जीर्णोद्धार का संकल्प लिया था। इसके अगले ही दिन मंदिर मलबे के ढेर में बदल गया और शिवलिंग व जलहरि गायब मिले।
घटना की जांच
************
स्थानीय लोगों ने जब देखा कि मंदिर मलबे में तब्दील हो गया है, तो उन्होंने इसकी सूचना पूर्व पार्षद शिव मोहन बघेल को दी। उन्होंने जेसीबी मशीन मंगाकर मलबा हटवाया, जिसमें शिवलिंग और जलहरि गायब मिले। चावल व्यवसायी ने घटना के बारे में अनभिज्ञता जताई है।
लोगों की नाराजगी
***************
घटना के बाद से लोगों में तीखी नाराजगी है। हालांकि, अभी तक पुलिस को इस घटना की सूचना नहीं दी गई है। लोगों का सवाल है कि आखिर प्राचीनतम जलहरि और शिवलिंग कहां चले गए।
ऐतिहासिक महत्व
****†*********
बिकमा तालाब और इसके आसपास के मंदिर व मठ शहर के लोगों के लिए धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व रखते हैं। लोग यहां श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना करते हैं और दीपक जलाते हैं। इस घटना ने स्थानीय लोगों के बीच आक्रोश पैदा कर दिया है और जल्द ही इस मामले में कार्रवाई की मांग उठने लगी है ¹.
रिपोर्ट; अनूप चौरसिया
