निदेशक मत्स्य श्री अभिषेक रंजन को भावपूर्ण विदाई, मधेपुरा के डीएम के रूप में नई जिम्मेदारी

निदेशक मत्स्य श्री अभिषेक रंजन को भावपूर्ण विदाई, मधेपुरा के डीएम के रूप में नई जिम्मेदारी

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दिनांक : 09 दिसंबर 2025

आज निदेशक मत्स्य, श्री अभिषेक रंजन के अंतिम कार्यदिवस पर विभागीय मुख्यालय में सादगीपूर्ण किंतु भावनात्मक फेयरवेल समारोह का आयोजन किया गया। उन्हें जिला पदाधिकारी, मधेपुरा के रूप में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस अवसर पर विभाग की अपर मुख्य सचिव, डॉ. एन. विजयलक्ष्मी ने उनके अब तक के कुशल प्रबंधन, नेतृत्व क्षमता और विभाग में दिये गए महत्वपूर्ण योगदान की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। साथ ही मधेपुरा के जिला पदाधिकारी के रूप में विभाग के कार्यों में सहयोग की भरोसा जताया।

 

फेयरवेल कार्यक्रम में विभाग के सचिव, श्री मनीष कुमार; निदेशक पशुपालन, श्री उज्ज्वल कुमार सिंह, तथा निदेशक गव्य, श्री केदार नाथ सिंह सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी, अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। विभाग के अधिकारियों ने श्री रंजन के पेशेवर दृष्टिकोण, टीम–समन्वय और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की प्रशंसा की।

 

मत्स्य क्षेत्र में हाल के वर्षों की उल्लेखनीय प्रगति

उनके कार्यकाल में बिहार में मत्स्य क्षेत्र ने अत्यंत प्रभावी, स्थायी और रिकॉर्ड स्तर की वृद्धि दर्ज की है। वर्ष 2024-25 में राज्य के मत्स्य उत्पादन ने 9.59 लाख टन के स्तर को पार किया। यह उपलब्धि राज्य के मत्स्य पालकों के बेहतर तालाब प्रबंधन, वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाने, गुणवत्तापूर्ण बीज (Quality Seed) के उपयोग, संतुलित आहार प्रबंधन तथा राज्य एवं राज्य के बाहर आयोजित प्रशिक्षणों के प्रभावी उपयोग का परिणाम है।

 

राज्य सरकार द्वारा आधारभूत संरचना के विकास, नए जलाशयों व तालाबों के निर्माण, मत्स्य बीज उत्पादन इकाइयों की स्थापना, मत्स्यपालकों के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के विस्तार तथा मत्स्यपालक बीमा योजनाओं के क्रियान्वयन ने इस वृद्धि को और सुदृढ़ किया है। इन प्रयासों ने न केवल उत्पादन को बढ़ाया है बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पोषण सुरक्षा, रोजगार सृजन और आजीविका संवर्द्धन में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

 

बिहार सरकार की मछुआ समुदाय एवं मत्स्य कृषकों के प्रति प्रतिबद्धता ने राज्य को मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूती से अग्रसर किया है। विभाग ने तकनीकी नवाचार, गुणवत्तापूर्ण संसाधन उपलब्धता और सतत प्रबंधन को प्राथमिकता देते हुए मत्स्य क्षेत्र को ग्रामीण विकास का एक प्रमुख आधार बनाने में सफलता प्राप्त की है।

 

कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों ने आशा व्यक्त की कि श्री अभिषेक रंजन अपने नए दायित्वों में भी इसी प्रतिबद्धता और दक्षता के साथ उत्कृष्ट प्रशासनिक उदाहरण प्रस्तुत करेंगे तथा राज्य की सेवा में महत्वपूर्ण योगदान देते रहेंगे।

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