पटना में पर्यावरण अनुकूल स्मार्ट परिवहन पर परिचर्चा एवं समाधान पर संगोष्ठी का आयोजन

==================================
पटना, 28 अगस्त 2025
पटना में स्मार्ट परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण अध्ययन किया गया है, जिसमें शहर की यातायात समस्याओं और वायु प्रदूषण के स्तर का विश्लेषण किया गया है। इस अध्ययन के अनुसार, पटना में व्यस्त समय में वाहनों की गति 10 किमी प्रति घंटा से भी नीचे हो जाती है, जिससे पेट्रोल की खपत 177% बढ़ जाती है और स्वास्थ्य जोखिम भी तेजी से बढ़ते हैं।
*पटना की परिवहन समस्याओं के मुख्य कारण:*
– *अपर्याप्त सार्वजनिक परिवहन*: पटना को 1,250 से अधिक बसों की आवश्यकता है, लेकिन मौजूदा बेड़ा बेहद कम है।
– *बिजली कटौती और चार्जिंग की कमी*: इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोगकर्ताओं को बिजली कटौती और चार्जिंग की कमी के कारण मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।
– *कार पर निर्भरता*: बिहार की पिछड़ी जातियों के लिए कारें अब भी सपना हैं, प्रति 1,000 लोगों पर केवल 1 कार है।
*समाधान के लिए सुझाव:*
– *सार्वजनिक परिवहन का विस्तार और विद्युतीकरण*: 1,250 से अधिक बसें जोड़ना, केवल बसों की लेन बनाना और 100% बिजली आधारित बसें लागू करना।
– *लोगों के लिए सड़कें*: छायादार फुटपाथ, साइकिल लेन और पैदल यात्रियों की सुरक्षा पर प्राथमिकता देना।
– *समावेशिता आधारित डिजाइन*: दिव्यांगजन के लिए आसान पहुंच, महिलाओं के लिए सुरक्षित विकल्प और अनौपचारिक मज़दूरों के लिए अंतिम-मील कनेक्टिविटी प्रदान करना।
– *कार पर निर्भरता घटाना*: भीड़भाड़ शुल्क, अधिक पार्किंग शुल्क और फ्लाईओवर फंड को पब्लिक व नॉन-मोटराइज्ड इन्फ्रास्ट्रक्चर पर लगाना।
पटना की महापौर श्रीमती सीता साहू ने कहा कि पटना अपने नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता सुधारने के लिए अभिनव समाधान अपनाने को तैयार है। उन्होंने कहा कि अध्ययन से स्पष्ट दिशा और ठोस सुझाव मिलते हैं जिससे शहर को तेज़ आवागमन, स्वच्छ हवा और हरित भविष्य की राह पर ले जाया जा सकता है ।
