परिवार की बेटियां बनीं आरजेडी का एजेंडा, बिहार की बेटियां बनीं नीतीश कुमार का संकल्प – जद (यू)

परिवार की बेटियां बनीं आरजेडी का एजेंडा, बिहार की बेटियां बनीं नीतीश कुमार का संकल्प – जद (यू)

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पटना, 31 अगस्त 2025

जद (यू) प्रदेश प्रवक्ता श्री अरविंद निषाद, प्रदेश प्रवक्ता डाॅ0 अनुप्रिया एवं मीडिया पैनलिस्ट श्रीमती पूजा पैट्रिक ने संयुक्त रुप से प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान पार्टी प्रवक्ताओं ने आरजेडी पर तीखा हमला बोला और कहा कि आरजेडी के लिए लालू प्रसाद यादव परिवार का विकास ही एजेंडा है, जबकि मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार सरकार का एजेंडा बिहार की बेटियों का आर्थिक, सामाजिक एवं राजनीतिक सशक्तीकरण है।

महिलाओं के आर्थिक उत्थान के लिए पिछले दिनों घोषित ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यह योजना बिहार की महिलाओं के लिए आत्मनिर्भरता का नया अध्याय है। योजनाओं के मामले में बिहार आज माॅडल स्टेट के रुप में दिखाई पड़ रहा है और आने वाले 2025 से 30 के दौरान बिहार की महिलाएं उद्यमशीलता के क्षेत्र में रोल मॉडल साबित होंगी। मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार का यह कदम बताता है कि उनके लिए बिहार की हर बेटी, बहन और मां प्राथमिकता है।

2005 से पहले महिलाओं की हालत किस कदर दयनीय थी, यह किसी से छुपा नहीं है। तब न तो बेटियों की शिक्षा के लिए कोई योजना थी, न बालिका साइकिल और पोशाक योजना थी, न ही छात्राओं को प्रोत्साहन राशि और छात्रवृत्ति मिलती थी। न पंचायतों और नगर निकायों में महिलाओं की भागीदारी थी और न ही स्वरोजगार को लेकर कोई ठोस पहल। उन्होंने आरजेडी से सवाल पूछते हुए कहा कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव जी, जो 2005 में महज़ 16 वर्ष के थे, आज किस आधार पर खुद को ष्ओरिजिनल सीएम कैंडिडेटष् कहते हैं? क्या उनके परिवार के शासनकाल में महिलाओं को सम्मानजनक अवसर दिए गए? क्या तब महिलाओं के लिए जीविका जैसी कोई योजना थी? हकीकत यह है कि 1990 से 2005 तक महिलाओं के नाम पर केवल राजनीतिक रोजगार दिया गया, जबकि नीतीश कुमार जी के कार्यकाल में लाखों महिलाएं पंचायती और निकाय स्तर पर नेतृत्वकारी भूमिका निभा रही हैं।

राष्ट्रीय जनता दल और उसके नेता महिलाओं के वास्तविक सशक्तिकरण से ज्यादा अपने परिवार की बेटियों को राजनीतिक रोजगार देने में व्यस्त रहे। डॉक्टर मीसा भारती और रोहिणी आचार्य को टिकट देना इस बात का स्पष्ट प्रमाण है कि उनके लिए पार्टी की अन्य योग्य महिलाओं की कोई अहमियत नहीं है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने जीविका समूहों के माध्यम से पूरे देश में महिला स्वावलंबन की एक नई मिसाल कायम की है। आज जीविका का माॅडल पूरे भारत में अपनाया जा रहा है और स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने भी ‘आजीविका’ योजना के रूप में इसे लागू किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की दूरदर्शी सोच बिहार को ‘औद्योगिक बिहार’ बनाने की दिशा में ले जा रही है। 2025 से 2030 के विज़न में सरकार का लक्ष्य एक करोड़ युवाओं, विशेषकर महिलाओं को स्वरोजगार और रोजगार से जोड़ना है।

विपक्ष पर तंज कसते हुए प्रदेश प्रवक्ताओं ने कहा कि जनता को गुमराह करने और अपशब्दों की राजनीति करने वालों को अब समझ लेना चाहिए कि बिहार की जनता विकास, काम और संकल्प को प्राथमिकता देती है। परिवारवाद और झूठे वादों के भरोसे बिहार की जनता को अब और छलना संभव नहीं है।

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