बिलासपुर के डॉ. सीवी रमन यूनिवर्सिटी से लापता छात्र रोहित कुमार का नहीं मिला सुराग
बिलासपुर/कोटा
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के कोटा स्थित डॉ. सीवी रमन यूनिवर्सिटी के छात्रावास से गया जिले का 19 वर्षीय छात्र रोहित कुमार 5 मार्च 2026 से लापता है। परिवार को इसकी जानकारी 6 मार्च की रात दी गई। परिजनों ने विश्वविद्यालय प्रशासन और स्थानीय पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
रोहित का अपने सहपाठी पंकज के साथ पांच हजार रुपये के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ था और उसके बाद मारपीट भी हुई थी। परिवार को सीसीटीवी फुटेज नहीं दिखाई जा रही है और उपस्थिति रजिस्टर में फर्जी हस्ताक्षर का शक है।
परिजनों ने केंद्र सरकार और बिहार सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। एक माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस प्रशासन छात्र का पता नहीं लगा पाई है। डॉ. सीवी रमन यूनिवर्सिटी का प्रशासनिक सिस्टम भी इस विषय में खुलकर बात करने में कतरा रहा है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय पांडे ने मांग की है कि इस मामले की जांच सीबीआई से होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। जल्द से जल्द रोहित को बरामद किया जाए मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही की जांच कराई जाए
*परिवार का आरोप:*
विश्वविद्यालय प्रशासन ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया सीसीटीवी फुटेज और उपस्थिति रजिस्टर में छेड़छाड़ की गई है पुलिस प्रशासन ने मामले में लापरवाही बरती है छात्रावास और यूनिवर्सिटी परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी परिवार को नहीं दिखाई जा रही है
*संदेह:*
5 मार्च के उपस्थिति रजिस्टर में रोहित के नाम के सामने किए गए हस्ताक्षर फर्जी हो सकते हैं रोहित के मोबाइल फोन से उसकी मां के नाम से कुछ संदिग्ध संदेश भेजे गए थे
*परिवार की चिंता:*
छात्र के साथ कोई अनहोनी भी हो सकती है विश्वविद्यालय प्रशासन और पुलिस प्रशासन की लापरवाही से परिवार को सच्चाई का पता नहीं चल पा रहा है
*अखिल भारतीय मानवाधिकार समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय पांडे का बयान*
इस मुद्दे पर अखिल भारतीय मानवाधिकार समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय पांडे ने कहा कि जिस प्रकार से छत्तीसगढ़ में लोगों का दोहन हो रहा है वह बहुत ही दुर्भाग्य की बात है। जिस प्रकार से सीवी रमन यूनिवर्सिटी से 1 माह से अधिक, 5 मार्च 2026 को 19 वर्षीय छात्र रोहित कुमार गायब हुआ था, लेकिन आज तक यूनिवर्सिटी प्रशासन एवं बिलासपुर पुलिस छात्र का पता नहीं लगा पाई है, वह बहुत ही दुर्भाग्य की बात है।
उन्होंने आगे केंद्र सरकार से मांग की है कि इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए और जो भी आरोपी हो उन्हें सख्त से सख्त सजा होनी चाहिए, क्योंकि मां-बाप अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा के लिए बाहर राज्यों में भेजते हैं। लेकिन जिस प्रकार से बिहार के गया जिले के रहने वाले छात्र के साथ घटना घटी है वह बहुत ही चिंताजनक है।
लेकिन यूनिवर्सिटी प्रशासन जिस प्रकार मीडिया से बचता हुआ नजर आ रहा है उससे कहीं न कहीं विश्वविद्यालय प्रशासन संदेह के घेरे में है। आज तक सीसीटीवी फुटेज छात्र के परिजनों को नहीं दिखाया गया, आखिर क्यों? क्या यूनिवर्सिटी प्रशासन कुछ छिपाने का प्रयास कर रहा है? इस मामले को जिला प्रशासन एवं कोटा पुलिस गंभीरता से ले।
