बिहार में कानून का राज, विपक्ष का हायतौबा मचाना राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित – उमेश सिंह कुशवाहा
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पटना, 12 जुलाई 2025
बिहार जनता दल (यू0) के माननीय प्रदेश अध्यक्ष श्री उमेश सिंह कुशवाहा ने शनिवार को जारी अपने बयान में कहा कि बिहार की कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष का हायतौबा मचाना पूरी तरह राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित है। उन्होंने आरोप लगाया कि सियासी लाभ की मंशा से विपक्ष चुनिंदा आपराधिक घटनाओं को बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत कर राज्य की सकारात्मक छवि को धूमिल करने का सुनियोजित प्रयास कर रहा है, जबकि जमीनी हकीकत विपक्ष के इन भ्रामक दावों के ठीक उलट है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार की सुशासन के प्रति दृढ़ प्रतिबद्धता का ही परिणाम है कि आज बिहार में सुदूर गांवों से लेकर शहरों तक भयमुक्त वातावरण स्थापित हुआ है। एक समय था जब सूर्यास्त से पहले ही दुकानों के शटर बंद हो जाते थे, लेकिन आज हालात यह हैं कि शहरों के बाजार, दुकानें और शाॅपिंग माॅल आधी रात तक खुले रहते हैं। यह बदलाव अपने आप में कानून के राज और जंगलराज के बीच का स्पष्ट अंतर दर्शाता है। श्री कुशवाहा ने कहा कि आमजन के भीतर यह विश्वास गहराया है कि ‘‘नीतीश हैं, तो निश्चिंत हैं।’’
श्री उमेश सिंह कुशवाहा ने विपक्ष को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जिनका पूरा राजनीतिक अतीत सत्ता में रहकर अपराधियों को पालने-पोसने और उन्हें संरक्षण देने में गुजरा है, वही आज सुशासन पर उंगली उठाने का दुस्साहस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 से पहले की स्थिति यह थी कि अपराधियों पर कार्रवाई तो दूर, पीड़ितों की प्राथमिकी तक दर्ज नहीं होती थी। जबकि आज न केवल आपराधिक घटनाओं का समयबद्ध उद्भेदन होता है, बल्कि दोषियों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाती है। बिहार में अब कोई भी अपराधी कानून के चंगुल से बच नहीं सकता और यही सुशासन की असली पहचान है।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जिन्होंने 1990 से 2005 तक के भयावह दौर को स्वयं झेला था और जिन युवाओं ने उस जंगलराज की सच्चाई को किस्सों और कहानियों के माध्यम से महसूस किया है, वे राजद के बहकावे में कभी नहीं आएंगे।
