बिहार सेमीकंडक्टर नीति, 2026 को स्वीकृत ,25,000 करोड़ के निवेश की संभावना
बिहार मंत्रिपरिषद ने राज्य के औद्योगिक विकास, निवेश संवर्धन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा दिनांक 29.01.2026 को 3 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की है। इन निर्णयों से बिहार में निवेश-अनुकूल वातावरण के साथ-साथ रोजगार सृजन, ग्रामीण आय वृद्धि और प्रशासनिक सुधार को नई गति मिलेगी।
मंत्रिपरिषद ने बिहार सेमीकंडक्टर नीति, 2026 को स्वीकृति प्रदान की है, जिसके माध्यम से बिहार को वर्ष 2030 तक पूर्वी भारत के टेक्नोलॉजी हब के रूप में विकसित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यह नीति “सात निश्चय-3 : समृद्ध उद्योग, सशक्त बिहार” के विजन के अनुरूप तैयार की गई है। नीति के तहत सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन, एटीएमपी/ओसैट, डिस्प्ले फैब, कंपाउंड सेमीकंडक्टर एवं सेमीकंडक्टर डिजाइन जैसे क्षेत्रों में बड़े निवेश को प्रोत्साहन दिया जाएगा। इसके माध्यम से लगभग ₹25,000 करोड़ के निवेश, दो लाख से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन तथा बिहार के युवाओं के लिए उच्च गुणवत्ता वाले तकनीकी अवसर उपलब्ध होने की संभावना है। निवेशकों को पूंजी अनुदान, भूमि, बिजली, जल, ब्याज अनुदान, SGST प्रतिपूर्ति तथा पेटेंट एवं कौशल विकास से जुड़े प्रोत्साहन प्रदान किए जाएंगे।
मंत्रिपरिषद ने राज्य में ग्रामीण अर्थव्यवस्था, हस्तशिल्प तथा कृषि-आधारित उद्योगों के उत्पादों के प्रभावी विपणन के उद्देश्य से बिहार राज्य विपणन प्राधिकार (Bihar State Marketing Authority) की स्थापना, उसके निबंधन एवं संगम के ज्ञापन को भी स्वीकृति प्रदान की है। यह प्राधिकार ग्रामीण उत्पादकों को उनके उत्पादों का उचित मूल्य दिलाने, विपणन से जुड़ी चुनौतियों को दूर करने तथा एक एकीकृत, पेशेवर और नियामक विपणन व्यवस्था विकसित करने का कार्य करेगा। इसके माध्यम से पैकेजिंग, ब्रांडिंग और समयबद्ध विपणन की व्यवस्था की जाएगी तथा पारंपरिक, कृषि एवं सूक्ष्म उद्योगों के उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक पहुँच सुनिश्चित की जाएगी। यह पहल विभिन्न विभागों के प्रयासों में समन्वय स्थापित करते हुए ग्रामीण आजीविका को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगी।
इसके साथ ही मंत्रिपरिषद ने औद्योगिक प्रोत्साहन योजनाओं के अंतर्गत लंबित अनुदान दावों के समयबद्ध भुगतान हेतु बिहार आकस्मिकता निधि (BCF) से अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान को भी मंजूरी दी है। बिहार औद्योगिक प्रोत्साहन नीति, 2016 के अंतर्गत चालू वित्तीय वर्ष में उपलब्ध ₹750 करोड़ के अतिरिक्त ₹1700 करोड़ के उपबंध की स्वीकृति से उद्योगों को समय पर अनुदान भुगतान सुनिश्चित होगा। इससे निवेशकों का विश्वास सुदृढ़ होगा और राज्य की औद्योगिक छवि में सुधार आएगा।
– *मुख्य निर्णय:*
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– बिहार सेमीकंडक्टर नीति, 2026 को स्वीकृति
– बिहार राज्य विपणन प्राधिकार (Bihar State Marketing Authority) की स्थापना
– औद्योगिक प्रोत्साहन योजनाओं के अंतर्गत लंबित अनुदान दावों के समयबद्ध भुगतान हेतु अतिरिक्त वित्तीय प्रावधान
– *सेमीकंडक्टर नीति के लाभ:*
– ₹25,000 करोड़ के निवेश की संभावना
– दो लाख से अधिक प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन
– उच्च गुणवत्ता वाले तकनीकी अवसर
– *विपणन प्राधिकार के उद्देश्य:*
– ग्रामीण उत्पादकों को उचित मूल्य दिलाना
– विपणन से जुड़ी चुनौतियों को दूर करना
– एकीकृत, पेशेवर और नियामक विपणन व्यवस्था विकसित करना
