बिहार सरकार ने कुपोषण की गंभीर चुनौती से निपटने के लिए एक बड़ा और महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव किया है। अब मध्यम तीव्र कुपोषित बच्चों को भी पोषण पुनर्वास केंद्र में भर्ती किया जाएगा, जिससे उन्हें गंभीर कुपोषित होने से बचाया जा सके ।
*कारण:*
– मध्यम तीव्र कुपोषित बच्चों में रिकेट्स, अनीमिया और विटामिन की कमी या अन्य चिकित्सीय जटिलताएं पायी जाती हैं।
– उनके गंभीर कुपोषित में परिवर्तित होने का जोखिम अधिक रहता है।
*उद्देश्य:*
– मध्यम तीव्र कुपोषित बच्चों को समय पर उपचार एवं पोषण संबंधी सहायता देकर गंभीर कुपोषित होने से रोकना।
– पांच वर्ष से कम आयु वाले बच्चों में कुपोषण से होने वाली मृत्यु एवं बीमारी में कमी लाना ।
क्या आप कुपोषण के बारे में और जानना चाहते हैं या फिर बिहार सरकार की स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में कुछ पूछना चाहते हैं?
