मिट्टी परीक्षण से किसानों को मिलेगी उर्वरक उपयोग की वैज्ञानिक सलाह

मिट्टी परीक्षण से किसानों को मिलेगी उर्वरक उपयोग की वैज्ञानिक सलाह

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(दिनांक 29.08.2025)

माननीय उप मुख्यमंत्री-सह-कृषि मंत्री, बिहार श्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को वैज्ञानिक खेती से जोड़ने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए मिट्टी जाँच सुविधाओं के विस्तार पर विशेष बल दे रही है। वर्तमान में जिला स्तर पर 38 मिट्टी जाँच प्रयोगशालाएँ, अनुमंडल स्तर पर 14 अनुमंडल स्तरीय प्रयोगशालाएँ तथा प्रमंडल स्तर पर 09 चलन्त मिट्टी जाँच प्रयोगशालाएँ कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त रेफरल प्रयोगशाला के रूप में डॉ॰ राजेन्द्र प्रसाद केन्द्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा (समस्तीपुर), बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर (भागलपुर) तथा केन्द्रीय मिट्टी परीक्षण प्रयोगशाला, पटना अधिसूचित की गई हैं।

माननीय उप मुख्यमंत्री ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 2.26 लाख मिट्टी नमूनों की अधिप्राप्ति की जा चुकी है तथा 70,971 मिट्टी नमूनों का विश्लेषण किया गया है। इन विश्लेषणों के आधार पर किसानों को 74,113 मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए जा चुके हैं, जिससे किसानों को मिट्टी की गुणवत्ता और उर्वरक उपयोग की वैज्ञानिक जानकारी मिल रही है।

श्री सिन्हा ने कहा कि किसानों को अनुमंडल स्तर पर ही मिट्टी जाँच की सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य के 25 जिलों यथा गोपालगंज में 01, भभुआ में 01, रोहतास में 02, सुपौल में 02, मधुबनी में 02, सारण में 02, पटना में 02, नवादा में 01, भोजपुर में 01, कटिहार में 01, वैशाली में 01, पूर्वी चम्पारण में 02, खगड़िया में 01, अररिया में 01, सीतामढ़ी में 02, समस्तीपुर में 01, गयाजी में 01, पश्चिम चम्पारण में 01, मुजफ्फरपुर में 01, दरभंगा में 01, बेगूसराय में 01, भागलपुर में 01, पूर्णिया में 01, मुंगेर में 01 और मधेपुरा में 01, कुल मिलाकार 32 नई अनुमंडल स्तरीय मिट्टी जाँच प्रयोगशालाओं की स्थापना प्रखण्ड कृषि कार्यालय में की जायेगी।

उन्होंने यह भी बताया कि किसानों द्वारा उपयोग किए जा रहे जैव उर्वरक एवं कार्बनिक उर्वरकों की गुणवत्ता की जाँच हेतु वर्तमान में राज्य में मात्र एक प्रयोगशाला पटना में कार्यरत है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में भागलपुर, सहरसा और मुजफ्फरपुर जिलों में एक-एक नई जैव एवं कार्बनिक उर्वरक गुण नियंत्रण प्रयोगशाला की स्थापना की जाएगी।

माननीय उप मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने के उद्देश्य से भारत सरकार के सहयोग से ग्राम स्तरीय मिट्टी जाँच प्रयोगशालाओं की स्थापना की जा रही है। वर्तमान में राज्य के 64 प्रखंडों में कुल 72 ग्राम स्तरीय प्रयोगशालाएँ कार्यरत हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य के प्रत्येक प्रखंड में एक-एक ग्राम स्तरीय मिट्टी जाँच प्रयोगशाला स्थापित किए जाने का लक्ष्य है, जिसके तहत 470 नई प्रयोगशालाओं की स्थापना की जाएगी।

श्री सिन्हा ने कहा कि इन प्रयासों से किसानों को मिट्टी की उर्वरता की सही जानकारी उपलब्ध होगी, उर्वरकों का संतुलित एवं वैज्ञानिक उपयोग सुनिश्चित होगा तथा कृषि उत्पादन और किसानों की आय में निरंतर वृद्धि होगी। यह पहल राज्य में टिकाऊ एवं लाभकारी कृषि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

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