सुरक्षित कंटेनरों में ही तैयार हो कीटनाशक घोल: राज्य में सुरक्षित कृषि पद्धतियों को बढ़ावा
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(दिनांक 09.12.2025)
बिहार सरकार कृषि क्षेत्र में सुरक्षा, वैज्ञानिकता और पर्यावरण संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। इसी क्रम में माननीय कृषि मंत्री श्री राम कृपाल यादव जी ने राज्य भर में कीटनाशक घोल तैयार करने हेतु मानक एवं स्वीकृत कंटेनरों के उपयोग को अनिवार्य बताया है।
माननीय मंत्री ने कहा कि किसानों की सुरक्षा और बेहतर उत्पादन के लिए यह जरूरी है कि कीटनाशकों को उन्हीं बोतलों में तैयार किया जाए जो सुरक्षा मानकों के अनुरूप बनाई जाती हैं। इन विशेष कंटेनरों में रसायनों के सुरक्षित भंडारण, उपयोग तथा निपटान की बेहतर व्यवस्था होती है, जिससे पर्यावरण तथा मानव स्वास्थ्य दोनों सुरक्षित रहते हैं।
उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा स्वीकृत पैकेजिंग और कंटेनरों के उपयोग से:
कीटनाशक विषाक्तता के जोखिम में कमी आती है
पौधों, जलस्रोतों और मिट्टी की सुरक्षा सुनिश्चित होती है
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियमों का बेहतर पालन होता है
किसानों की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य संरक्षण होता है
उन्होंने सभी पेस्ट कंट्रोल एजेंसियों एवं संबंधित व्यक्तियों से आग्रह किया कि कीटनाशक तैयार करने और उपयोग करने में मानक प्रोटोकॉल का कठोर पालन करें। बिहार सरकार की प्राथमिकता है कि खेतों से लेकर घरों तक, हर कदम पर सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
माननीय मंत्री ने आम नागरिकों तथा किसानों से भी सहयोग की अपेक्षा की। उन्होंने कहा कि यदि कहीं भी अनुचित या असुरक्षित कंटेनरों में कीटनाशक घोल तैयार होते दिखें, तो उसकी सूचना जिला कृषि कार्यालय, जिला कृषि पदाधिकारी या सहायक निदेशक (पौधा संरक्षण) को तुरंत दें। नागरिकों का यह योगदान जन-स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण होगा।
कृषि मंत्री ने कहा कि बिहार सरकार कृषि क्षेत्र में वैज्ञानिक, सुरक्षित और आधुनिक पद्धतियों के प्रोत्साहन के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। किसानों की सुरक्षा और पर्यावरण की रक्षा के लिए इस अभियान को निरंतर आगे बढ़ाया जाएगा।
