बिलासपुर रतनपुर ,चहक कश्यप नाम की 4 साल की बच्ची ने अपनी प्रतिभा का जलवा दिखाया है। उसने राष्ट्रगान, गणेश जी की आरती और मंगल मंगलेकर के श्लोक सुनाकर सबको हैरान कर दिया है। चहक के पिता एक प्राइवेट प्रतिष्ठान में गार्ड की नौकरी करते हैं और माता हाउसवाइफ हैं। उन्होंने अपनी बच्ची को संस्कार और शिक्षा देने में कोई कमी नहीं रखी है। चहक की इस प्रतिभा को देखकर समाज के लोग उसकी तारीफ कर रहे हैं।आज के दौर में जहां लोग अपने बच्चों को इंग्लिश मीडियम की शिक्षा देने में लगे हैं, वहां चहक ने अपनी संस्कृति और सभ्यता को अपनाया है। उसने दिखाया है कि उम्र कोई भी हो, संस्कार और शिक्षा का कोई विकल्प नहीं है। चहक की इस प्रतिभा को देखकर उसके माता-पिता भी बहुत खुश हैं। वे कहते हैं कि उन्होंने अपनी बच्ची को संस्कार और शिक्षा देने में कोई कमी नहीं रखी है और आगे भी वे उसे इसी तरह से प्रोत्साहित करते रहेंगे।
चहक की इस कहानी से हमें यह सीखने को मिलता है कि संस्कार और शिक्षा का कोई विकल्प नहीं है। हमें अपने बच्चों को संस्कार और शिक्षा देने में कोई कमी नहीं रखनी चाहिए।
