भारतीय किसान संघ में रतनपुर तहसीलदार को सौंपा मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन
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भारतीय किसान संघ छत्तीसगढ़ के तत्वाधान में जिला बिलासपुर के रतनपुर तहसील में आयोजित कार्यक्रम में किसानों ने अपनी मांगें रखी हैं।
छत्तीसगढ़ में बिजली बिल माफी योजना लागू करने की मांग की गई है, जिससे किसानों को बिजली बिल में राहत मिल सके।
किसानों को समय पर खाद मिल सके, इसके लिए समिति में उचित प्रबंध करने की मांग की गई है, ताकि फसल बर्बाद न हो।धान की कीमत ₹3100 प्रति क्विंटल*: किसानों ने धान की कीमत ₹3100 प्रति क्विंटल करने की मांग की है, जिससे उन्हें अपनी फसल का उचित मूल्य मिल सके।किसानों की ज्ञापन में मुख्यमंत्री से अनुरोध किया गया है कि वे किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लें और उनके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
किसानों ने बताया कि वे वर्तमान में बहुत परेशान हैं और उनकी समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। उन्होंने मांग की है कि खाद की कालाबाजारी बंद हो और सहकारी समितियों में भंडारण सुनिश्चित हो। बिजली कटौती पूर्णतः बंद हो और घरेलू बिजली पर पुनः हाफ बिजली बिल योजना लागू की जाए। प्रदेश में सिंचाई का रकबा बढ़ाया जाए और नहरों का पानी अंतिम गांव तक पहुंचे। पिछले सरकार न्याय योजना की बकाया चौथी किश्त की राशि शीघ्र पूर्व भुगतान की जाए। धान की राशि प्रति क्विंटल ₹3100 में केंद्र सरकार द्वारा समर्थन मूल्य में की गई ₹186 की बढ़ोत्तरी को जोड़कर ₹3286 का भुगतान किया जाए, धान खरीद 1 नवंबर से प्रारंभ की जाए। लहन, तिलहन की खेती पर प्रति एकड़ ₹20 हजार अनुदान दिया जाए तथा रबी में लहन, तिलहन, मक्का एवं सूरजमुखी की खरीद की जाए। कृषक उन्नति योजना में गन्ना फसल को जोड़ा जाए। जैविक खेती में जो अनुदान भारत सरकार देती है उसे छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों को दिया जाए।
धान खरीद में किसानों से प्रति बोरी 40.700 किलोग्राम धान से अधिक नहीं लिया जाए, और सरकारी किचनों में तथा सभी समितियों में यह बैनर द्वारा अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किया जाए।
इन मांगों को लेकर भारतीय किसान संघ ने शिल्पा भगत को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
अनूप कुमार चौरसिया की खबर पब्लिक आई न्यूज़ बिलासपुर।
