उपायुक्त द्वारा विभिन्न श्रेणी के नागरिकों को नियुक्ति पत्र वितरित
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आज शनिवार को उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित के करकमलों से विभिन्न श्रेणी के अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किया गया। इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि शासन की मंशा योग्य अभ्यर्थियों को अवसर उपलब्ध कराना और मृत सेवकों के परिवारजनों को संबल प्रदान करना है, ताकि उन्हें सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा मिल सके।
आयुक्त एवं सचिव, गृह विभाग झारखंड राँची के पत्र संख्या 3206 दिनांक 15 जून 2002 के आलोक में उपायुक्त की अध्यक्षता में सम्पन्न चयन प्रक्रिया के तहत चौकीदार / दफादार पद हेतु पात्र अभ्यर्थियों का चयन किया गया। अनुशंसा के आधार पर शिक्षा योग्यतानुसार इन्हें वेतनमान 5200-20200 (PB-1) एवं ग्रेड पे 1800 में अस्थायी रूप से नियुक्त किया गया है। इनके पदस्थापन का दायित्व संबंधित अंचल / वीट में निर्धारित किया गया है।रायडीह प्रखंड के श्री बसंत उराँव, स्व. राम उराँव के पुत्र श्री सुदीप उराँव तथा घाघरा थाना क्षेत्र के ग्राम अरंगी निवासी श्री सुनिल कच्छप को चौकीदार पद पर नियुक्त किया गया। उपायुक्त द्वारा नियुक्ति के समय यह निर्देश दिया गया कि मृत सरकारी सेवकों के आश्रित परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी नियुक्त व्यक्ति पर होगी तथा इस दायित्व की अवहेलना को गंभीर कदाचार माना जाएगा।
साथ ही दिनांक 8 सितम्बर 2025 को सम्पन्न जिला अनुकम्पा समिति की बैठक में लिये गये निर्णय के आलोक में उग्रवादी घटनाओं एवं सेवा अवधि में आकस्मिक निधन से प्रभावित परिवारों को संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप चतुर्थ वर्ग (अनुसेवक) के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति की स्वीकृति प्रदान की गई।स्व. गजेन्द्र साहु के पुत्र श्री अरुण साहु, स्व. जयप्रकाश साहु की पत्नी श्रीमती मोनिका देवी, स्व. अशोक सिंह की पत्नी श्रीमती लक्ष्मीण देवी तथा स्व. रामवृत उराँव के पुत्र श्री विकास उराँव को आवश्यक सत्यापन और सेवा शर्तों के अधीन गुमला समाहरणालय में चतुर्थ वर्ग के रिक्त पद पर योगदान हेतु नियुक्ति पत्र दिया गया। इन नियुक्त कर्मियों को वेतनमान के साथ सरकार द्वारा स्वीकृत जीवनयापन भत्ता एवं अन्य भत्ते भी देय होंगे।उपायुक्त ने सभी नियुक्त कर्मियों को कर्तव्यनिष्ठ होकर सेवा करने का आह्वान किया तथा कहा कि यह नियुक्तियाँ न केवल व्यक्तिगत दायित्वों का निर्वहन हैं, बल्कि जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता का भी प्रतीक हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इससे प्रशासनिक कार्यों में मजबूती आयेगी और प्रभावित परिवारों को नये सिरे से जीवन आगे बढ़ाने का अवसर प्राप्त होगा।
