स्कूल वाहन जांच अभियान: संत चार्ल्स पब्लिक स्कूल के पास बड़ी कार्रवाई, एक वाहन जब्त
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गुमला: गुमला में उपायुक्त के निर्देशानुसार स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सघन वाहन जांच अभियान गुरुवार, 04 दिसंबर 2025 को भी जारी रहा। आज यह कार्रवाई मुख्य रूप से संत चार्ल्स पब्लिक स्कूल के पास की गई, जिसमें जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) और मोटर यान निरीक्षक (MVI) मौजूद रहे।
अभियान के दौरान परिवहन नियमों के उल्लंघन के चलते एक वाहन को जब्त कर लिया गया, और कई वाहन चालकों तथा अभिभावकों को कड़ी चेतावनी दी गई। Drink and drive लोगों का होगा लाइसेंस रद्द।
बिना हेलमेट आए अभिभावकों का कटा ऑनलाइन चालान
जांच अभियान के दौरान सबसे बड़ी सख्ती सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर बरती गई। जिला परिवहन पदाधिकारी ने स्कूल आए उन सभी अभिभावकों पर तुरंत कार्रवाई की जो अपने बच्चों को लेने या छोड़ने बिना हेलमेट पहने आए थे। इन सभी परिजनों का ऑनलाइन चालान किया गया।
अधिकारियों ने एक बार फिर दोहराया कि सिर की सुरक्षा सर्वोपरि है, और अभिभावकों को जुर्माने से नहीं, बल्कि दुर्घटना से बचने के लिए हेलमेट पहनना चाहिए।
प्राइवेट गाड़ियों को कमर्शियल बनाने की अंतिम चेतावनी
जांच में यह पाया गया कि कई गाड़ियाँ अभी भी प्राइवेट नंबर प्लेट (सफेद नंबर) पर बच्चों को ढोकर व्यावसायिक परिचालन कर रही हैं, जो कि अवैध है।
DTO ने ऐसे सभी वाहन चालकों को सख्त चेतावनी देते हुए कमर्शियल नंबर (पीला नंबर प्लेट) लगवाने के लिए अगले माह तक का समय दिया है। स्पष्ट किया गया है कि यदि इस समय सीमा के अंदर वाहनों को कमर्शियल श्रेणी में नहीं बदला गया, तो अगले जांच अभियान में उन पर कड़ा जुर्माना लगाया जाएगा और नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
संत पैट्रिक और संत इग्नेशियस स्कूलों की भी लिस्टिंग शुरू
बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन अब किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान गुमला के अन्य स्कूलों तक भी बढ़ाया जा रहा है।
जांच क्रम में संत पैट्रिक और संत इग्नेशियस स्कूल के बच्चों को ढोने वाली गाड़ियों की भी लिस्टिंग (सूचीकरण) की जा रही है। इसके साथ ही, जांच से भागने वाले वाहन चालकों को पकड़ने के लिए भी प्रशासन कमर कस कर रणनीति के तहत कार्य कर रहा है।
जिला परिवहन पदाधिकारी ने स्कूलों से कहा है कि वे सुनिश्चित करें कि बच्चों को लेकर चलने वाली सभी गाड़ियां लाइसेंस, बीमा, परमिट, फिटनेस जैसे आवश्यक दस्तावेजों के साथ ही चलें, अन्यथा स्कूल प्रबंधन पर भी कार्रवाई की जाएगी।
DTO का कड़ा संदेश और नए निर्देश
जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) ने स्पष्ट और कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए सभी स्कूल प्रबंधनों और वाहन चालकों के लिए नए निर्देश जारी किए हैं:
1. वाहन नंबर प्लेट :- स्कूल वाहनों के लिए कमर्शियल नंबर (पीला नंबर प्लेट) अनिवार्य है। सभी को 1 हफ्ते में यह सुधार कर लेना होगा।
2. क्षमता का पालन :- वाहन की सीट पर जितनी संख्या लिखी है, उतने ही सवारी लेकर चलना होगा। ओवरलोडिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगीl
3. स्कूल परमिशन :- सभी गाड़ी चालकों को स्कूल प्रबंधन से परमिशन लेटर और ऑथोराइजेशन लेटर लेना अनिवार्य है।
4. दस्तावेज :- परिचालन केवल लाइसेंस, बीमा, और परमिट के साथ ही हो पाएगा।
5. बच्चों की सुरक्षा :- बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
6. आचरण प्रमाण पत्र: सभी स्कूल बच्चों को ले कर चल रहे वाहनों को चालकों को आचरण प्रमाण पत्र भी लेना अनिवार्य होगा ।
स्कूल प्रबंधन पर आरोप
स्कूल प्रबंधन ने जाँच के दौरान बचाव करते हुए कहा कि अक्सर अभिभावक ही अपने बच्चों को ओवरलोड करके भेजने के लिए चालकों पर दबाव बनाते हैं। यह “लटक लटक कर दो पैसे बचाने” की मानसिकता के कारण किया जाता है।
DTO ने स्पष्ट किया कि थोड़े से पैसे बचाने की मानसिकता के कारण स्कूल प्रबंधन कमर्शियल वाहन इस्तेमाल नहीं करना चाहता, जबकि कमर्शियल नंबर पर दुर्घटना होने पर बीमा मिलना आसान होता है, जो बच्चों की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है।
