गुमला
विशुनपुर प्रखंड के अंतर्गत टोंगरी होलोंग में भव्य ‘सामाजिक जतरा’ का आयोजन किया गया। इस पारंपरिक मेले का विधिवत उद्घाटन गुमला मुखिया संघ के अध्यक्ष श्री रामप्रसाद बड़ाईक और विधायक प्रतिनिधि संजीव उरांव के द्वारा संयुक्त रूप से फीता काटकर किया गया।
जतरा के दौरान पूरा क्षेत्र आदिवासी संस्कृति के रंगों में रंगा नजर आया। इस आयोजन में दूर-दराज के इलाकों से बड़ी संख्या में आदिवासी भाई-बहनों ने हिस्सा लिया। जतरा का मुख्य आकर्षण पारंपरिक नृत्य रहा, जिसने उपस्थित जनसमूह का मन मोह लिया।
इस अवसर पर रामप्रसाद जी ने अपने संबोधन में कार्यक्रम के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जतरा में प्रस्तुत किया गया नृत्य केवल मनोरंजन या नाच-गान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आदिवासी जनजाति की समृद्ध संस्कृति और परंपरा का प्रतीक है। यही आदिवासी समाज की असली पहचान है।
कार्यक्रम में यह संदेश भी दिया गया कि अपनी इस अनूठी संस्कृति और धरोहर को बचाकर रखना और इसे आगे बढ़ाना हम सभी लोगों का परम कर्तव्य है। मांदर की थाप और पारंपरिक गीतों के बीच जतरा हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ।
