पटना, 5 जनवरी 2026,195–अगिआँव (अजा) विधानसभा चुनाव में हुई गंभीर अनियमितताओं को लेकर आज पटना उच्च न्यायालय में अपील दायर की गई. माले प्रत्याशी शिवप्रकाश रंजन की ओर से अधिवक्ता अमित कुमार ने यह याचिका दाखिल की, जिसे न्यायालय ने स्वीकार कर लिया है.
शिवप्रकाश रंजन ने कहा कि चुनाव में व्यापक और भयानक गड़बड़िया की गई ,जिसके कारण उन्हें मात्र 95 मतों के अत्यंत कम अंतर से हार का सामना करना पड़ा. उन्होंने बताया कि चुनाव प्रक्रिया की घोषणा से पहले और बाद तक कई ऐसे घटनाक्रम और भ्रष्ट आचरण सामने आए, जिन्होंने स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव की संभावना को गंभीर रूप से क्षति पहुँचाई.
उन्होंने कहा कि निर्वाचन नामावली से विशेष सघन पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए.
शिवप्रकाश रंजन ने कहा कि सत्तारूढ़ गठबंधन द्वारा चुनाव से ठीक पहले प्रत्यक्ष नकद अंतरण से संबंधित योजनाओं की घोषणा की गई तथा मतदान से पूर्व मतदाताओं के खातों में राशि भेजी गई, जो आदर्श आचार संहिता का स्पष्ट उल्लंघन है. कई रिपोर्टों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि इन कदमों का मतदाताओं पर अनुचित प्रभाव पड़ा.
उन्होंने यह भी कहा कि 175 डाक मतपत्रों को बिना किसी वैध कारण के अमान्य कर दिया गया. मतगणना की प्रक्रिया भी कानून के खिलाफ संचालित की गई.
शिवप्रकाश रंजन ने कहा कि ये सभी कारक चुनाव परिणाम को प्रभावित करने वाले रहे. हर लिहाज से 195–अगिआँव (अजा) विधानसभा क्षेत्र का चुनाव गंभीर अनियमितताओं एवं अवैधताओं से ग्रसित रहा है. ऐसे में इस चुनाव की वैधता संदेह के घेरे में है. उन्होंने कहा कि न्याय की उम्मीद में हम उच्च न्यायालय गए हैं.
