बिलासपुर जिले में अवैध रेत खदानों का बोलबाला है, जिससे सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। यहां के सरपंच, पंच और बाहुबली लोग अवैध रूप से रेत का रात/दिन खनन कर रहे हैं और सरकार की रॉयल्टी चोरी कर रहे हैं। शासन प्रशासन इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं, जिससे सरकार की न सिर्फ करोड रुपए की रॉयल्टी की चोरी हो रही है, बल्कि सरकार का खजाना भी खाली हो रहा है।
लोग मजबूरन अवैध रूप से रेत खरीदने को मजबूर हो रहे हैं और बेतहाशा कीमतें दे रहे हैं। जनप्रतिनिधि और सरकार पर बैठे लोग इस समस्या को अनदेखा कर रहे हैं, जिससे लोगों की परेशानियां बढ़ती जा रही हैं।
बिलासपुर जिले के अधिकतर रेत खदान, जैसे कि मंगला, लोखंडी, सेदरी, लखराम, चोरहादेवरी, गढवत पर वहां के सरपंच, पंच और रसूखदारों के द्वारा अवैध रूप से खनन कर रात दिन परिवहन किया जा रहा है। आश्चर्य की बात तो यह है कि कलेक्टर ऑफिस से महज 15 से 20 किलोमीटर पर ही यह पूरे खदान संचालित हो रहे हैं, जहां पर जिले के कलेक्टर, एसपी सहित पूरे विधायक और सांसदों का आशियाना है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रतिनिधि एवं जिला कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष नीरज जायसवाल ने कहा है कि आखिर लोग जाए तो जाए कहां? सरकार और जनप्रतिनिधियों को इस समस्या का समाधान मिलकर करना होगा और लोगों को मूलभूत सुविधाएं प्रदान करनी होंगी।
