बिहार में जीरो टिलेज तकनीक से आलू की खेती में क्रांति, कम लागत में ज्यादा उपज का नया मंत्र
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पटना, 20मार्च 2026
पटना। बिहार के कृषि मंत्री श्री राम कृपाल यादव ने आज पटना स्थित भा.कृ.अनु.प.- केन्द्रीय आलू अनुसंधान संस्थान, क्षेत्रीय केन्द्र पटना में आयोजित एकदिवसीय कृषक प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेते हुए जीरो टिलेज तकनीक को किसानों के लिए “भविष्य की खेती” बताया।
इस तकनीक से उत्पादन लागत में कमी, जल एवं उर्वरक की बचत के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिलता है। जीरो टिलेज तकनीक में पराली को जलाने के बजाय मल्च के रूप में उपयोग किया जाता है, जिससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है और धान कटाई के तुरंत बाद बिना जुताई आलू की बुवाई संभव हो जाती है।
जीरो टिलेज तकनीक के लाभ:
– उत्पादन लागत में 35% तक कमी
– जल की 50% तक बचत
– मृदा की गुणवत्ता और फसल की गुणवत्ता में सुधार
– पराली को जलाने के बजाय मल्च के रूप में उपयोग
कृषि मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि इस नवाचार को तेजी से पूरे बिहार में विस्तार दिया जाए। कार्यक्रम में जीविका से जुड़ी विभिन्न जिलों की 150 से अधिक महिलाओं की सक्रिय भागीदारी रही।
