मधुमक्खी पालन की जिद ने दिलायी ‘हनी गर्ल’ की पहचान
पटना,17 मार्च26
अनीता कुशवाहा की कहानी किसी प्रेरणादायक फिल्मी पटकथा से कम नहीं है. बचपन में शहद की चाह रखने वाली एक साधारण लड़की, अनीता ने आज ‘हनी’ के रूप में अपनी एक विशेष ब्रांड व पहचान बनायी है. उनकी यह सफलता केवल आर्थिक नहीं, बल्कि एक सामाजिक बदलाव की कहानी है.
मुजफ्फरपुर के पटियासा गांव से निकलकर अनीता कुशवाहा ने मधुमक्खी पालन के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाई है. उनकी इस सफलता की कहानी आर्थिक और सामाजिक बदलाव की एक प्रेरणादायक कहानी है.
अनीता ने बताया कि उनकी इस सफलता की नींव बचपन में ही पड़ गई थी. उन्होंने महज 13 साल की उम्र में दो बॉक्स से मधुमक्खी पालन की शुरुआत की थी. आज उनके पास 500 से अधिक बॉक्स हैं और उन्होंने अपना प्रोसेसिंग प्लांट भी स्थापित किया है.
अनीता ने बताया कि मधुमक्खी पालन के क्षेत्र में उनकी इस सफलता के पीछे उनके पति संजय कुमार का बहुत बड़ा योगदान है. उन्होंने बताया कि उनके पति ने उनका पूरा साथ दिया और आज उनके ऑर्गेनिक शहद की मांग भारत के साथ-साथ दुबई जैसे देशों में भी है.
*अनीता कुशवाहा के बारे में:*
– मुजफ्फरपुर के पटियासा गांव की रहने वाली हैं- मधुमक्खी पालन के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाई है
– उनके पास 500 से अधिक मधुमक्खी बॉक्स हैं
– उन्होंने अपना प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित किया है
– उनके ऑर्गेनिक शहद की मांग भारत के साथ-साथ दुबई जैसे देशों में भी है
– उनकी जीवनी को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल किया गया है
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