नशे के खिलाफ ‘पातागाईं’ का शंखनाद: पकड़े गए तो 50 हजार जुर्माना और खबर देने वाले को मिलेगा इनाम

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नशे के खिलाफ ‘पातागाईं’ का शंखनाद: पकड़े गए तो 50 हजार जुर्माना और खबर देने वाले को मिलेगा इनाम

घाघरा (गुमला): घाघरा प्रखंड के पातागाईं गांव को नशा और अपराध मुक्त बनाने के लिए अंजुमन कमेटी ने अब “आर-पार” की लड़ाई छेड़ दी है। 31 मार्च 2026 को हुई ऐतिहासिक बैठक के बाद, गुरुवार को पूरे गांव में कमेटी के सख्त नियमों वाले पोस्टर चस्पा कर दिए गए। अब गांव की गलियों और सार्वजनिक स्थलों पर लगे ये पोस्टर नशा कारोबारियों और असामाजिक तत्वों को खुली चेतावनी दे रहे हैं।

कड़े नियम: गलती की तो चुकानी होगी भारी कीमत

अंजुमन कमेटी ने नशे के सेवन, भंडारण और बिक्री को लेकर बेहद सख्त सजा का प्रावधान किया है:

पहली बार पकड़े जाने पर: ₹30,000 का आर्थिक दंड।

दूसरी बार पकड़े जाने पर: ₹50,000 जुर्माना और गांव से निष्कासन (निकाला)।

सामाजिक बहिष्कार: नशे के धंधे में संलिप्त लोगों का पूर्ण रूप से सामाजिक बहिष्कार किया जाएगा।

सूचना देने वाले को ‘पुरस्कार’ और ‘गोपनीयता’

गांव को सुरक्षित बनाने के लिए कमेटी ने जनता से भी सहयोग मांगा है। नशे के कारोबार की सटीक जानकारी देने वाले व्यक्ति को ₹5,000 का नकद इनाम दिया जाएगा। कमेटी ने भरोसा दिलाया है कि सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी।

क्यों लिया गया यह बड़ा फैसला?

अंजुमन कमेटी के सदस्यों का कहना है कि गांव में नशे की बढ़ती लत युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर रही थी और अपराध का ग्राफ भी बढ़ रहा था। इस सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए सामूहिक शक्ति का प्रयोग अनिवार्य हो गया था।

“गांव की सुरक्षा और स्वच्छता हमारी पहली प्राथमिकता है। इन पोस्टरों के जरिए हमने साफ संदेश दे दिया है कि पातागाईं की धरती पर अब नशे के लिए कोई जगह नहीं है।”

— अंजुमन कमेटी सदस्य

सकारात्मक बदलाव की उम्मीद

गांव में जगह-जगह लगे पोस्टरों से खलबली मची है, वहीं आम ग्रामीणों ने इस पहल का पुरजोर स्वागत किया है। लोगों का मानना है कि इतने कड़े जुर्माने और सामाजिक दबाव के कारण अब गांव में शांति और सुरक्षा का नया दौर शुरू होगा।

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