मधेपुरा में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा, 6 प्रखंडों के 300 किसानों को दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण

रसायन मुक्त खेती पर जोर, 300 किसानों ने सीखी जैविक खाद और कीटनाशक बनाने की विधि
मधेपुरा। कृषि विभाग की आत्मा परियोजना के तहत जिले के शंकरपुर प्रखंड अंतर्गत बैहरारी गांव में प्रगतिशील किसान सह पतंजलि जिला युवा प्रभारी उपेन्द्र कुमार योगी के प्राकृतिक खेती प्रक्षेत्र पर तीन दिवसीय कृषक परिभ्रमण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
इस कार्यक्रम में जिले के 6 प्रखंडों से कुल 300 किसानों ने भाग लिया। किसानों को प्राकृतिक एवं टिकाऊ खेती की तकनीकों की जानकारी देने के साथ-साथ विभिन्न जैविक खाद और जैव कीटनाशक तैयार करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
कार्यक्रम के तहत 28 सितंबर को मधेपुरा और सिंहेश्वर प्रखंड के 50-50 किसानों, जबकि 29 सितंबर को गम्हरिया और घैलाढ़ प्रखंड के 50-50 किसानों का प्राकृतिक खेती प्रक्षेत्र का परिभ्रमण कराया गया।
वहीं 30 सितंबर को कार्यक्रम के अंतिम दिन कुमारखंड और मुरलीगंज प्रखंड के किसानों को प्राकृतिक खेती में उपयोग होने वाले विभिन्न जैविक उत्पादों की व्यवसायिक एवं प्रायोगिक जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण के दौरान किसानों को जीवामृत, घनजीवामृत और बीजामृत जैसे जैव तरल खाद तैयार करने की विधि बताई गई। इसके अलावा नीमास्त्र, दशपर्णी, ब्रह्मास्त्र और गो-निम शक्ति जैसे जैव कीटनाशकों को तैयार करने और खेती में इनके उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
प्रशिक्षक उपेन्द्र कुमार योगी ने किसानों को प्राकृतिक खेती के महत्व, लागत कम करने तथा मिट्टी की उर्वरा शक्ति बनाए रखने में जैविक तकनीकों की भूमिका के बारे में जानकारी दी।
वहीं कृषि वैज्ञानिकों ने रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों के अत्यधिक इस्तेमाल से मिट्टी की संरचना पर पड़ने वाले प्रभाव और मिट्टी की उर्वरा शक्ति को बेहतर बनाए रखने के उपायों पर किसानों को जानकारी दी।
कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केंद्र के प्रधान एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक सुरेन्द्र प्रसाद चोरसिया, वैज्ञानिक डॉ. राहुल कुमार, वैज्ञानिक डॉ. पंकज कुमार यादव सहित कृषि विभाग एवं आत्मा परियोजना के पदाधिकारी, टीम लीडर और बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *