



कार्यक्रम को संबोधित करते हुए श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि सेवा हमारी संस्कृति रही है। वर्तमान समय में सेवा की भावना को और मजबूत करने की जरूरत है। समाज जागरूक होकर सेवा की भावना को आगे बढ़ाए तो सामूहिक प्रयास से समाज और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए ट्रस्ट के चेयरमैन इरशाद अली आजाद ने कहा कि संस्था लंबे समय से समाज के सभी वर्गों के उत्थान के लिए कार्य कर रही है। स्वागताध्यक्ष डॉ. बिमल कारक ने ट्रस्ट की गतिविधियों की जानकारी देते हुए संस्था को सरकारी योजनाओं से जोड़ने की मांग की। सम्मानित अतिथि रीता रस्तोगी ने महिलाओं के उत्थान एवं आत्मनिर्भरता के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की। वहीं संरक्षक अवधेश कुमार सिन्हा ने ट्रस्ट को गंगा-जमुनी संस्कृति की मिसाल बताया।
समारोह में चिकित्सा रत्न के लिए डॉ. प्रदीप कारक, डॉ. अभिषेक बासुकी, डॉ. गीता शर्मा एवं डॉ. नीरज कुमार निराला, शिक्षा रत्न के लिए डॉ. मनोज कुमार, डॉ. नीलोफर, डॉ. रब्बान अली एवं डॉ. अकबर अली, आनंद त्रिवेदी, मंजर सुलेमान,साद हुसैन को सम्मानित किया गया। इसके अलावा समाजसेवा, खेल, उर्दू अदब, हिंदी साहित्य, महिला उद्यमिता, उद्यमिता, अधिवक्ता, प्रशासनिक एवं पत्रकारिता के क्षेत्र में योगदान देने वाली प्रतिभाओं को भी ‘अजीमाबाद रत्न’ से सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में 25 महिलाओं को सिलाई प्रशिक्षण तथा 21 छात्र-छात्राओं को कंप्यूटर प्रशिक्षण के प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। अजीमाबाद टूर्नामेंट की विजेता एवं उपविजेता टीम को कप तथा खिलाड़ियों को मेडल देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ शाह अजीम की तस्वीर पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। दीपिका कुमारी ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया। संचालन ट्रस्ट के सचिव मो. युनुस ने किया, जबकि मो. नौशाद ने धन्यवाद ज्ञापन किया। समारोह में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद, चिकित्सक, अधिवक्ता, साहित्यकार, खिलाड़ी, पत्रकार एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे।
