दिव्यांग समस्या समाधान केंद्र या समस्याओं बढ़ाने का केंद्र?
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बिलासपुर छत्तीसगढ़
बिलासपुर के दिव्यांग पुनर्वास केंद्र में दिव्यांगों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार की खबर सामने आई है। केंद्र में पीने के पानी और उचित कर्मचारी नहीं होने की शिकायतें हैं। जब कोई दिव्यांग अपनी समस्याएं लेकर जाता है, तो कर्मचारी ठीक से बात नहीं करते हैं।
एक मामला सामने आया है जहां एक व्यक्ति ने 6 महीने पहले इलेक्ट्रिक ट्राई साइकिल की बैटरी के लिए आवेदन किया था, लेकिन अभी तक उसे कोई जवाब नहीं मिला है। यह दिव्यांगों के लिए एक बड़ी समस्या है, क्योंकि वे अपनी जरूरतों के लिए इन केंद्रों पर निर्भर हैं।
दिव्यांगों के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन इन योजनाओं का लाभ लेने के लिए दिव्यांगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। केंद्र सरकार द्वारा दी जाने वाली इलेक्ट्रिक ट्राई साइकिल में भी खामियां हैं। ये गाड़ियां जल्द ही खराब हो जाती हैं और मेंटेनेंस का काम समय पर नहीं किया जाता है।
प्रदेश सरकार दिव्यांगों के साथ भेदभाव कर रही है। अन्य राज्यों में दिव्यांगों को पेंशन 1500-3000 रुपये मिलाएं है, लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार सिर्फ 500 रुपये दे रही है। इस महंगाई के दौर में 500 रुपये में दिव्यांगों का क्या भला होगा?
केंद्र में फ्रीजर पानी के लिए लगा है, लेकिन वह पिछले एक साल से खराब पड़ा है। जिला पुनर्वास अधिकारी भी इस पर ध्यान नहीं दे रहा है। दिव्यांगों के लिए यह एक बड़ी समस्या है, क्योंकि वे अपनी जरूरतों के लिए इन केंद्रों पर निर्भर हैं। फ्रीजर पानी के बिना दिव्यांगों को पीने के पानी की समस्या हो रही है।
हम उम्मीद करते हैं कि सरकार और संबंधित अधिकारी इस मामले को गंभीरता से लेंगे और दिव्यांगों के लिए उचित सुविधाएं प्रदान करेंगे।
