शिक्षक सशक्तिकरण पर मंथन, एमएलसी प्रत्याशी डॉ. दिव्य ज्योति ने उठाए शिक्षकों के सवाल

शिक्षक सशक्तिकरण पर मंथन, एमएलसी प्रत्याशी डॉ. दिव्य ज्योति ने उठाए शिक्षकों के सवाल

=============

पटना के खगौल स्थित चाणक्य फाउंडेशन कैंपस में शनिवार को “ग्लोबल आइकन अवॉर्ड 2026” समारोह सह शिक्षक संवाद कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का मुख्य फोकस बिहार में शिक्षक सशक्तिकरण, शैक्षणिक सुधार और राजनीतिक जवाबदेही पर रहा।

पटना सहित विभिन्न जिलों के स्कूल-कॉलेजों के प्राचार्य, शिक्षक-शिक्षिकाएं, शिक्षाविद और सामाजिक प्रतिनिधि बड़ी संख्या में शामिल हुए।

समारोह का उद्घाटन एकेडमी ऑफ ग्लोबल अचीवर्स के चेयरमैन एवं चाणक्य फाउंडेशन ग्रुप के निदेशक तथा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के एमएलसी प्रत्याशी डॉ. दिव्य ज्योति, चाणक्य फाउंडेशन ग्रुप एवं डॉ. अशोक गगन कॉलेज के अध्यक्ष डॉ. अशोक गगन सहित अन्य अतिथियों ने संयुक्त रूप से किया।

इस अवसर पर एमएलसी प्रत्याशी डॉ. दिव्य ज्योति ने कहा कि तीन दशकों से शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व होने के बावजूद शिक्षक आज भी समान वेतन, सेवा सुरक्षा, पारदर्शी प्रोन्नति, सम्मानजनक कार्य परिस्थितियों और बेहतर आधारभूत संरचना से वंचित हैं। उन्होंने कहा, _“शिक्षकों को केवल वोट बैंक बनाकर रखा गया। एमएलसी निधि का भी शिक्षा विकास के लिए समुचित उपयोग नहीं हुआ। वर्षों तक सत्ता में रहने के बाद भी शिक्षकों के जीवन में ठोस बदलाव न आना नेतृत्व की गंभीर विफलता है। अब शिक्षक केवल आश्वासन नहीं, परिणाम चाहते हैं।”पाटलिपुत्र की विरासत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि चाणक्य और अशोक की धरती के शिक्षक आज सम्मान के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

डॉ. दिव्य ज्योति ने “शिक्षक सशक्तिकरण यात्रा” को पटना शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के सभी जिलों, अनुमंडलों, विद्यालयों और महाविद्यालयों तक ले जाने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि 25 वर्षों से वे शिक्षकों के अधिकार के लिए काम कर रही हैं और आगे भी सड़क से सदन तक आवाज उठाएंगी।

वट सावित्री व्रत पर महिला शिक्षकों को शुभकामनाएं देते हुए उन्होंने कहा, _“जब शिक्षक मजबूत होंगे, तब शिक्षा मजबूत होगी और जब शिक्षा मजबूत होगी, तब बिहार मजबूत होगा।”_

चाणक्य फाउंडेशन ग्रुप के चेयरमैन डॉ. अशोक गगन ने डॉ. दिव्य ज्योति के विजन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक समुदाय को ईमानदार और परिणामोन्मुख नेतृत्व चाहिए जो उनकी समस्याओं को विधान परिषद तक पहुंचाए।  समारोह में शिक्षकों को प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। अवॉर्ड चार श्रेणियों में दिए गए:

1. *एकेडमिक एक्सीलेंस एंड लीडरशिप अवॉर्ड*

2. *एजुकेटर एक्सीलेंस लीडरशिप अवॉर्ड* – महिला प्राचार्य

3. *नेशन बिल्डर अवॉर्ड* – शिक्षक पुरुष

4. *नेशन बिल्डर अवॉर्ड* – शिक्षक महिला

 

कार्यक्रम का संचालन साहित्यकार हेमंत ने किया। इस अवसर पर डॉ. अर्जुन सिन्हा, दिव्यांश शांडिल्य, डॉ. गुड़िया झा, तुलिका सिंह, अमरेंद्र पासवान, प्रभात शर्मा, मुकेश सिन्हा, इंजी. आशीष सिन्हा, पंकज कुमार, इंजी. धीरज कुमार समेत सैकड़ों शिक्षक एवं गणमान्य उपस्थित रहे।

`

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *