नारी अबला नहीं, बदलाव की ताकत है: घाघरा में महिला विकास मंडल का 18वां वार्षिक अधिवेशन संपन्न

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घाघरा (गुमला): घाघरा प्रखंड के एस.एस. हाई स्कूल मैदान में बुधवार को महिला विकास मंडल का 18वां वार्षिक अधिवेशन अत्यंत भव्य और उत्साहपूर्ण माहौल में आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में उमड़ी महिलाओं की भारी भीड़ ने क्षेत्र में सशक्त होती ‘नारी शक्ति’ का जीवंत प्रमाण पेश किया।

मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलन

कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि गुमला के उप विकास आयुक्त (DDC) दिलेश्वर महतो, प्रखंड विकास पदाधिकारी दिनेश कुमार, जिला परिषद सदस्य सतवंती देवी और प्रखंड प्रमुख सविता देवी ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। इससे पूर्व, मंडल की सदस्यों ने अतिथियों का पारंपरिक स्वागत किया और उन्हें अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया।

“नारी अबला नहीं, सबला है” — डी डी सी

उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त दिलेश्वर महतो ने कहा:

“आज का यह जनसैलाब इस बात का गवाह है कि महिलाएं शक्ति का साक्षात स्वरूप हैं। अब नारी अबला नहीं, बल्कि सबला बन चुकी है। महिला विकास मंडल से जुड़कर ग्रामीण महिलाएं न केवल आत्मनिर्भर हो रही हैं, बल्कि समाज और देश में अपनी एक नई पहचान बना रही हैं।”

प्रमुख बिंदु और उपलब्धियां

एकजुटता का संदेश: जिला परिषद सदस्य सतवंती देवी ने महिलाओं को संगठित होकर अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया।

प्रगति रिपोर्ट: महिला विकास मंडल की अध्यक्ष सतवंती देवी ने मंच से मंडल की वार्षिक उपलब्धियों का विवरण साझा किया और सदस्यों के समक्ष लेखा-जोखा प्रस्तुत किया।

उत्साहपूर्ण भागीदारी: कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में महिलाएं शामिल हुईं, जिससे पूरा मैदान ‘नारी शक्ति’ के नारों और एकजुटता से गुंजायमान रहा।

इस अवसर पर प्रखंड प्रशासन के अधिकारियों सहित कई गणमान्य व्यक्ति और महिला विकास मंडल की सैकड़ों सक्रिय सदस्याएं उपस्थित थीं।

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