बिहार ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन: डॉ. अशोक सिन्हा को UK पेटेंट, “केशव नेल” को मिली वैश्विक पहचान

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BOA की घोषणा: डॉ. अशोक सिन्हा का थ्रेड होल इंटरलॉकिंग बोन नेल डिजाइन पेटेंट`

पटना, 6 मई।बिहार ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन (BOA) ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने प्रतिष्ठित सदस्य डॉ. अशोक कुमार सिन्हा की वैश्विक उपलब्धि की घोषणा की। डॉ. सिन्हा को यूनाइटेड किंगडम के बौद्धिक संपदा कार्यालय द्वारा “केशव नेल” डिजाइन के लिए पेटेंट प्रदान किया गया है। यह पेटेंट 1 मई 2026 को पंजीकृत किया गया था। “केशव नेल” एक थ्रेड होल इंटरलॉकिंग बोन नेल डिजाइन है, जिसका उद्देश्य हड्डी की सर्जरी में सटीकता बढ़ाना और मरीजों के परिणामों में सुधार करना है। औपचारिक प्रमाण पत्र यूके में पेटेंट के कंट्रोलर जनरल श्री एडम विलियम्स द्वारा प्रस्तुत किया गया।

BOA अध्यक्ष डॉ. अमूल्य कुमार सिंह ने कहा कि एसोसिएशन का मूल मंत्र “Bridging the Gap: From Rural Care to Robotic Excellence” है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि सर्जिकल उत्कृष्टता के प्रति अथक समर्पण को दर्शाती है। डॉ. सिन्हा की दूरदृष्टि अनुभवी सलाहकारों और सर्जनों की अगली पीढ़ी के लिए प्रेरणा है।

डॉ. सिंह ने कहा कि ऑर्थोपेडिक मामलों में शहरी के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी सर्जिकल सटीकता बढ़ाना जरूरी है। इससे डॉक्टरों और मरीजों के बीच विश्वास बढ़ेगा।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में BOA संरक्षक डॉ. एस. एस. झा, डॉ. रंजीत सिंह, सचिव डॉ. रितेश रूनू, पटना ऑर्थोपेडिक सोसाइटी अध्यक्ष डॉ. जिबंदु चौधरी, सचिव डॉ. अर्णब सिन्हा, और पूर्व अध्यक्ष डॉ. अशोक कुमार सिन्हा उपस्थित थे।

BOA ने समिति की ओर से डॉ. अंजनी और डॉ. आर.सी. ठाकुर के प्रयासों की भी सराहना की, जो बिहार में नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।

BOA के अनुसार, यह यूके पेटेंट बिहार के चिकित्सा समुदाय को अंतरराष्ट्रीय मानचित्र पर स्थापित करता है। एसोसिएशन ने कहा कि आधुनिकीकरण के इस युग में भी चिकित्सकों को अपनी जड़ों से जुड़े रहकर समाज की सेवा करनी होगी।

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