पटना, 22 अगस्त। बिहार भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा कि वंदे मातरम् केवल एक राष्ट्रगीत नहीं, बल्कि भारत की स्वतंत्रता, राष्ट्रभक्ति और करोड़ों देशवासियों के बलिदान की अमर विरासत है। इसकी ऐतिहासिक और राष्ट्रीय विरासत को आज की वोट बैंक की राजनीति के गणित में सीमित नहीं किया जा सकता। वंदे मातरम् देश के स्वतंत्रता आंदोलन का ऐसा मंत्र रहा, जिसने असंख्य क्रांतिकारियों और राष्ट्रभक्तों को मातृभूमि के लिए सर्वस्व न्योछावर करने की प्रेरणा दी।
शनिवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के अध्यक्षता में भाजपा के नवनियुक्त पदाधिकारियों की पहली बैठक में वंदे मातरम् के सम्मान और इसकी गौरवशाली विरासत की रक्षा के लिए प्रस्ताव पारित किया गया। प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने इस प्रस्ताव का स्वागत करते हुए कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के नेतृत्व में हुई पहली पदाधिकारी बैठक का पहला प्रस्ताव ही देश के गौरव, सम्मान और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान से जुड़े वंदे मातरम् के सम्मान को समर्पित रहा।
संजय सरावगी ने कहा कि कांग्रेस कार्यसमिति द्वारा 19 अगस्त 2026 को पारित प्रस्ताव दुर्भाग्यपूर्ण है और भाजपा इसकी कड़ी निंदा करती है। कांग्रेस को यह समझना होगा कि वंदे मातरम् किसी राजनीतिक दल की संपत्ति नहीं है। यह पूरे राष्ट्र की भावना और स्वतंत्रता संग्राम की अमूल्य धरोहर है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस द्वारा इसके स्वरूप और सम्मान को लेकर जिस तरह की राजनीति की जा रही है, वह देश को जोड़ने के बजाय विभाजन की मानसिकता को बढ़ावा देने वाली है।
उन्होंने कहा कि संसद लोकतंत्र का सर्वोच्च मंदिर है और देश संसद से पारित कानूनों के आधार पर चलता है, किसी राजनीतिक दल की कार्यसमिति के प्रस्तावों के आधार पर नहीं। संजय सरावगी ने कहा कि कोई व्यक्ति वंदे मातरम् गाने के लिए बाध्य नहीं है, लेकिन इसके गायन में जानबूझकर बाधा उत्पन्न करने का अधिकार भी किसी को नहीं है। संविधान और कानून से ऊपर कोई परिवार, राजनीतिक दल अथवा संगठन नहीं हो सकता।
संजय सरावगी ने कहा कि 15 अगस्त 2026 को कांग्रेस मुख्यालय में वंदे मातरम् के दौरान सामने आई घटना ने कांग्रेस की सोच पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि इसके बाद कांग्रेस की ओर से सफाई दी गई, लेकिन कुछ ही दिनों बाद कांग्रेस कार्यसमिति के फैसले ने उसकी वास्तविक मंशा को लेकर देश के सामने सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस एक बार फिर तुष्टीकरण और वोट बैंक की राजनीति के जरिए राष्ट्रीय भावनाओं को विभाजित करने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी ने भी वंदे मातरम् के साथ जुड़ी शुद्ध राष्ट्रीय भावना को स्वीकार किया था। इसलिए इसे किसी धर्म या समुदाय से जोड़कर देखना स्वतंत्रता आंदोलन की भावना का अपमान है। संजय सरावगी ने कहा कि वंदे मातरम् भारत की एकता, अखंडता और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है और भाजपा इसके सम्मान से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगी।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा अब वंदे मातरम् के गौरवशाली इतिहास को देश के हर गांव, गली, नुक्कड़ और खासकर युवा पीढ़ी तक पहुंचाएगी। पार्टी कार्यकर्ता लोगों को बताएंगे कि स्वतंत्रता आंदोलन में वंदे मातरम् ने किस प्रकार अंग्रेजी शासन के खिलाफ देशवासियों को एकजुट करने का काम किया।
संजय सरावगी ने कहा कि कांग्रेस को तुष्टीकरण और विभाजन की राजनीति छोड़कर राष्ट्रीय एकता के विषयों पर सकारात्मक भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा देश की एकता और अखंडता से खिलवाड़ की किसी भी कोशिश को सफल नहीं होने देगी। वंदे मातरम् भारत माता के प्रति करोड़ों देशवासियों की श्रद्धा, संघर्ष और बलिदान का प्रतीक है तथा इसके सम्मान की रक्षा के लिए भाजपा पूरी मजबूती से देश के साथ खड़ी है।
