बिलासपुर। आदिम जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने बिलासपुर संभाग में विभागीय योजनाओं की समीक्षा के दौरान अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने छात्रवृत्ति, हॉस्टल व्यवस्था और आभा भूमि योजना की प्रगति की समीक्षा की और लापरवाही मिलने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।
आदिवासी जमीन की खरीदी-बिक्री को लेकर पूछे गए सवाल पर सोनमणि बोरा ने स्पष्ट किया कि कलेक्टर की अनुमति के बिना कोई गैर-आदिवासी व्यक्ति आदिवासी की जमीन नहीं खरीद सकता। नियमों का उल्लंघन होने पर कार्रवाई की जाएगी।
यह सवाल कंचनपुर में कथित आदिवासी भूमि सौदे से जुड़ा था। मामले में लगाए गए आरोपों की जांच को लेकर भी प्रमुख सचिव के बयान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
वहीं छात्रवृत्ति में देरी पर उन्होंने संस्था प्रमुखों की बैठक बुलाकर लंबित मामलों का जल्द निराकरण करने के निर्देश दिए। हॉस्टलों में गड़बड़ी मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही।
तखतपुर में फर्जी बोर भुगतान मामले में कार्रवाई करते हुए अधीक्षक को तत्काल निलंबित किए जाने की जानकारी भी प्रमुख सचिव ने दी। उन्होंने साफ कहा कि भ्रष्टाचार और लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बिलासपुर में आदिवासी जमीन सौदे पर प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा सख्त, बोले- कलेक्टर की अनुमति बिना गैर-आदिवासी नहीं खरीद सकता जमीन
