पटना, 23 सितंबर। सहकारिता विभाग के मंत्री राम कृपाल यादव ने सहकारी बैंकों के कार्यों एवं आगामी कार्ययोजना की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने सहकारी बैंकों को पारंपरिक बैंकिंग व्यवस्था से आगे बढ़ाकर आधुनिक, डिजिटल और ग्राहक-केंद्रित बैंकिंग सेवा प्रदाता के रूप में विकसित करने का निर्देश दिया।
मंत्री ने कहा कि सहकारी बैंक किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की वित्तीय जरूरतों का महत्वपूर्ण आधार हैं। बैंकिंग सेवाओं को तकनीक से जोड़ते हुए इस दिशा में प्रयास होना चाहिए कि ग्राहकों को बैंक आने की जरूरत कम पड़े और अधिक से अधिक सेवाएं मोबाइल तथा गांव स्तर तक उपलब्ध हों।
बैठक में नए खाताधारकों को जोड़ने के लिए विशेष कैंप और जागरूकता अभियान चलाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाने पर जोर दिया गया।
डिजिटल बैंकिंग के लिए तय हुई समय-सीमा
समीक्षा बैठक में डिजिटल बैंकिंग सेवाओं के विस्तार के लिए समय-सीमा निर्धारित की गई।
एक माह के भीतर WhatsApp Banking विकसित करने का निर्देश।
तीन माह के भीतर Mobile Banking सेवा शुरू करने का लक्ष्य।
नवंबर तक Thumb Impression से भुगतान की सुविधा विकसित करने का निर्देश।
4,477 PACS का डिजिटलीकरण
बैठक में बताया गया कि प्रथम चरण में 4,477 PACS का डिजिटलीकरण किया गया है। इसके अलावा 100 PACS को FPO के रूप में विकसित किया जा रहा है, ताकि किसानों को बाजार और आवश्यक संसाधनों से जोड़ा जा सके।
किसानों को फसल क्रय की राशि PFMS के माध्यम से सीधे बैंक खातों में तथा बिहार राज्य फसल सहायता योजना के लाभार्थियों को DBT के जरिए सहायता राशि उपलब्ध कराई जा रही है।
सहकारी बैंकों की शाखाओं का होगा विस्तार
बिहार राज्य सहकारी बैंक की दो नई शाखाओं के लिए RBI से सहमति प्राप्त होने की जानकारी दी गई। इनमें पटना एम्स में एक शाखा खोली जा चुकी है, जबकि दूसरी शाखा खोलने की प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा पात्रता के आधार पर मगध, आरा, सासाराम, मुंगेर-जमुई, बेगूसराय और सुपौल जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों में नई शाखाएं खोलने की दिशा में कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
नकली नोटों की रोकथाम के लिए सीमावर्ती जिलों के जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों और संबंधित शाखाओं में UV Lamp तथा BIS मानक के अनुरूप Note Sorting Machine (NSM) तत्काल स्थापित करने का निर्देश भी दिया गया।
सहकारी बैंकों में नए खाताधारकों को जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाएं : राम कृपाल यादव
