स्ट्रोक के ‘गोल्डन आवर’ में इलाज से घटती है विकलांगता , बिहार के मरीजों के लिए विशेष कोऑर्डिनेटर नियुक्त
पटना, 29 मई 2026
हैदराबाद के प्रतिष्ठित मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल यशोदा हॉस्पिटल्स ने शुक्रवार को पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर एडवांस्ड न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, स्ट्रोक प्रबंधन और रेडिएशन ऑन्कोलॉजी सेवाओं की जानकारी दी। उद्देश्य बिहार व उत्तर भारत के मरीजों तक विश्वस्तरीय चिकित्सा पहुंचाना है।
डिप्टी जनरल मैनेजर-मार्केटिंग उदय भास्कर एनवीएस और डिप्टी मैनेजर अमन कुमार ने बताया कि हैदराबाद स्थित अस्पताल में आधुनिक ऑपरेशन थिएटर, उन्नत आईसीयू और सुपर-स्पेशियलिटी विभाग उपलब्ध हैं।
क्लिनिकल डायरेक्टर डॉ. आर. एन. कोमल कुमार ने कहा कि स्ट्रोक के “गोल्डन आवर” में उपचार से मरीजों की विकलांगता काफी हद तक कम हो सकती है। उन्होंने उन्नत स्ट्रोक प्रबंधन, न्यूरोइमेजिंग और न्यूरोक्रिटिकल केयर की जानकारी दी।
सीनियर कंसल्टेंट न्यूरोसर्जन डॉ. बी. जयानंद सुधीर ने ब्रेन ट्यूमर, एन्यूरिज्म और रीढ़ की बीमारियों में आधुनिक न्यूरोसर्जिकल तकनीकों की भूमिका बताई।
रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. प्रदीप कुमार करुमंची ने कहा कि उन्नत रेडिएशन थेरेपी कैंसर कोशिकाओं को सटीक लक्षित कर स्वस्थ ऊतकों को कम नुकसान पहुंचाती है।
अस्पताल ने बिहार के मरीजों के लिए विशेष कोऑर्डिनेटर नियुक्त किए हैं जो अपॉइंटमेंट, भर्ती और फॉलो-अप में मदद करेंगे। टेली-कंसल्टेशन और हेल्थ कैंप के जरिए दूरदराज के मरीजों तक सुविधा पहुंचाई जा रही है
