जनजातीय क्षेत्रों से उभरेंगी नई खेल प्रतिभाएं, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण ने पूर्णिया कटिहार में खोजे 350 से अधिक खिलाड़ी
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पटना/ बिहार राज्य खेल प्राधिकरण ने जनजातीय क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पूर्णिया और कटिहार में चार दिवसीय विशेष अभियान चलाकर 350 से अधिक प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का चयन किया गया है।
बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सह मुख्य कार्यकारी अधिकारी रवीन्द्रण शंकरण ने बताया कि 2 से 5 जुलाई तक पूर्णिया और कटिहार के जनजातीय बहुल क्षेत्रों में एथलेटिक्स प्रतिभा खोज अभियान चलाया गया। इस अभियान में 12 से 14 वर्ष आयुवर्ग के एक हजार से अधिक बच्चों ने हिस्सा लिया।
बैट्री टेस्ट के बाद 112 लड़कियों सहित 350 से अधिक बच्चों का प्राथमिक चयन किया गया। अब इन खिलाड़ियों का दोबारा मूल्यांकन कर उन्हें राज्य के विभिन्न एकलव्य खेल प्रशिक्षण केंद्रों में प्रशिक्षण के लिए चुना जाएगा।
खेल प्राधिकरण ने बताया कि अभियान का अगला चरण जमुई, रोहतास, पश्चिम चंपारण (बेतिया) और कैमूर के जनजातीय इलाकों में चलाया जाएगा। चयनित खिलाड़ियों को एथलेटिक्स, तीरंदाजी समेत अन्य खेलों में उनकी प्रतिभा के अनुसार प्रशिक्षण दिया जाएगा।
रवीन्द्रण शंकरण ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य दूर-दराज़ और जनजातीय क्षेत्रों के उन प्रतिभाशाली बच्चों तक पहुँचना है, जो संसाधनों और अवसरों की कमी के कारण चयन प्रक्रिया से वंचित रह जाते थे। यह अभियान उन्हें खेलों के माध्यम से नई पहचान और उज्ज्वल भविष्य देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।
बिहार राज्य खेल प्राधिकरण का लक्ष्य है कि जनजातीय क्षेत्रों की प्रतिभाओं को तैयार कर उन्हें खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स और अन्य राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बिहार का प्रतिनिधित्व करने का अवसर दिलाया जाए।
