बिलासपुर/रतनपुर। जिले में सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम, 2005 के तहत मांगी गई जानकारी नहीं मिलने और आवेदन को “प्रश्नवाचक” बताकर खारिज किए जाने का मामला सामने आया है। इस संबंध में रतनपुर वार्ड क्रमांक-4 निवासी प्रदीप सिंह ठाकुर ने कलेक्टर बिलासपुर को लिखित शिकायत सौंपते हुए मामले की निष्पक्ष जांच एवं आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।
12 उचित मूल्य दुकानों की मांगी थी जानकारी
शिकायतकर्ता प्रदीप सिंह ठाकुर ने बताया कि उन्होंने बिलासपुर खाद्य शाखा एवं अनुविभागीय दंडाधिकारी (राजस्व) कार्यालय, कोटा से सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत क्षेत्र की 12 उचित मूल्य दुकानों के पंजीयन, आवंटन प्रक्रिया, वैधता एवं संचालन संबंधी दस्तावेजों की जानकारी मांगी थी।
उनका कहना है कि निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बाद भी अपेक्षित जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई। इसके बजाय दोनों कार्यालयों से यह कहते हुए आवेदन निरस्त कर दिया गया कि मांगी गई जानकारी “प्रश्नवाचक” प्रकृति की है।
शिकायतकर्ता ने लगाए गंभीर आरोप
प्रदीप सिंह ठाकुर का आरोप है कि उचित मूल्य दुकानों के आवंटन में अनियमितताएं हुई हैं। उनका दावा है कि कुछ दुकानों का संचालन महिला स्वयं सहायता समूहों के नाम पर नियमों के विपरीत किया जा रहा है तथा पात्रता संबंधी मानकों का पालन नहीं किया गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि यदि संबंधित अभिलेख सार्वजनिक किए गए तो आवंटन प्रक्रिया में हुई कथित गड़बड़ियां सामने आ सकती हैं। इसी कारण आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने से बचा जा रहा है।
कलेक्टर को सौंपी लिखित शिकायत
शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने 24 जुलाई 2026 को कलेक्टर बिलासपुर को लिखित शिकायत देकर पूरे मामले की जांच कराने, सूचना उपलब्ध कराने तथा जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।
पारदर्शिता पर उठे सवाल
इस प्रकरण के सामने आने के बाद स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि यदि उचित मूल्य दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया पूरी तरह नियमों के अनुरूप हुई है, तो संबंधित जानकारी सार्वजनिक करने में किसी प्रकार की आपत्ति नहीं होनी चाहिए। अब सभी की निगाहें कलेक्टर कार्यालय की कार्रवाई पर टिकी हैं।
राशन दुकानों में हेर-फेर का खुलासा रोकने RTI को किया खारिज, कलेक्टर से शिकायत
