पटना। पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की मंत्री रमा निषाद ने विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने और पात्र लाभुकों को समय पर योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। बुधवार को जगजीवन राम संसदीय अध्ययन एवं राजनीतिक शोध संस्थान, पटना के सभागार में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि विभाग की योजनाएं विद्यार्थियों के शैक्षणिक एवं सामाजिक सशक्तीकरण से जुड़ी हैं। ऐसे में इनके क्रियान्वयन में अनावश्यक विलंब या लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
मंत्री ने प्रभारी जिला पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण पदाधिकारियों को जिला स्तर पर योजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग तथा लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। जननायक कर्पूरी ठाकुर छात्रावास, अन्य पिछड़ा वर्ग छात्रावास और अन्य पिछड़ा वर्ग कन्या आवासीय +2 उच्च विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण भोजन, स्वच्छ पेयजल, सुरक्षा, स्वास्थ्य एवं शैक्षणिक सुविधाओं को प्राथमिकता देने को कहा।
छात्रावासों की सुविधाओं पर नियमित निगरानी
बैठक में छात्रावासों में नामांकन, मेस संचालन, खाद्यान्न आपूर्ति, सुरक्षा गार्ड, सफाई कर्मी, रसोइया और आरओ सहित विभिन्न सुविधाओं की समीक्षा की गई। कन्या आवासीय विद्यालयों में सीसीटीवी, शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति, पोक्सो एवं पोश समितियों, आपातकालीन वाहन, एएनएम/जीएनएम तथा एचपीवी वैक्सीनेशन की स्थिति की भी समीक्षा हुई।
करीब 1.57 करोड़ के डीसी विपत्र लंबित
वित्तीय मामलों की समीक्षा में विभिन्न जिलों में करीब 1.57 करोड़ रुपये के डीसी विपत्र लंबित पाए गए। मंत्री ने इनके समायोजन की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश दिया। विद्यार्थी सहयोग पोर्टल एवं सहयोग पोर्टल पर प्राप्त परिवादों का भी समयबद्ध निष्पादन करने पर जोर दिया गया।
जिला स्तर पर व्यवस्था होगी मजबूत
बैठक में जिला स्तर पर विभागीय व्यवस्था को मजबूत करने, स्पष्ट कार्य-विभाजन, अभिलेखों का पूर्ण प्रभार, नियमित निरीक्षण और बायोमेट्रिक उपस्थिति सुनिश्चित करने पर चर्चा हुई। अधिकारियों के कार्यों में सहयोग के लिए डेटा एंट्री ऑपरेटर, आईटी कर्मी एवं अन्य आवश्यक मानव संसाधन की व्यवस्था किए जाने की जानकारी दी गई।
विभाग के अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार ने कहा कि मंत्री के मार्गदर्शन में विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन को गति मिल रही है। प्रभारी जिला पदाधिकारियों को स्वतंत्र रूप से कार्य करने की जिम्मेदारी दी गई है, ताकि योजनाओं का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन हो सके। बैठक में बिहार वित्त नियमावली एवं CFMS से संबंधित प्रशिक्षण भी वित्त विभाग के प्रशिक्षकों द्वारा दिया गया।
