73वें संविधान संशोधन से मिला था संवैधानिक दर्जा, पहली बार 24 अप्रैल 2010 को मनाया गया
पटना, 23 अप्रैल, 2026:* बिहार विधान सभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस की पूर्व संध्या पर कहा कि यह दिन भारत में पंचायती राज प्रणाली की स्थापना को चिह्नित करता है, जो ग्रामीण स्थानीय स्वशासन और विकास का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है।
डॉ. कुमार ने बताया कि 1993 में संविधान के 73वें संशोधन अधिनियम द्वारा पंचायती राज को संवैधानिक दर्जा दिया गया था। इस व्यवस्था ने ग्रामीण स्तर पर लोकतंत्र को मजबूत करने और विकास कार्यों में जनता की सीधी भागीदारी सुनिश्चित करने का काम किया है।
उन्होंने कहा कि पहली बार राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस को मनाने की घोषणा 24 अप्रैल 2010 को की गई थी। तब से हर साल 24 अप्रैल को यह दिवस मनाया जाता है ताकि पंचायती राज संस्थाओं के महत्व और ग्रामीण विकास में उनके योगदान को रेखांकित किया जा सके।
