पटना में गंगा किनारे छठे दिन भी चला बुलडोजर: 20 अवैध पक्के निर्माण ध्वस्त, DM बोले- असर्वेक्षित भूमि पर कब्जा बर्दाश्त नहीं

सभ्यता द्वार से कलेक्टोरेट के पीछे तक हटाया गया अतिक्रमण; NGT- सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला, आदतन कब्जाधारियों पर होगी दंडात्मक कार्रवाई

पटना, 23 अप्रैल, 2026:जिलाधिकारी के निर्देश पर बुधवार को लगातार छठे दिन गंगा किनारे विशेष अतिक्रमण उन्मूलन अभियान चलाया गया। सभ्यता द्वार से पटना कलेक्टोरेट के पीछे तक असर्वेक्षित भूमि पर बने 20 अवैध पक्के निर्माणों को ध्वस्त कर दिया गया।

जनहित की योजनाओं में बाधा स्वीकार नहीं’: DM

जिलाधिकारी ने कहा कि गंगा किनारे का क्षेत्र जनहित के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां अनेक योजनाएं चल रही हैं। “गंगा नदी के किनारे असर्वेक्षित भूमि पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।” उन्होंने एसडीओ और एसडीपीओ को निर्देश दिया कि हटाए गए अतिक्रमण के साथ नया अतिक्रमण न हो, यह भी सुनिश्चित करें। बाधा उत्पन्न करने वालों पर विधि-सम्मत कार्रवाई होगी।

NGT-सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला:

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि नदी क्षेत्र की असर्वेक्षित भूमि सरकारी भूमि मानी जाती है। “NGT एवं माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश से इन क्षेत्रों में किसी भी व्यक्ति द्वारा किसी भी संरचना का निर्माण नहीं किया जा सकता। फ्लड प्लेन एरिया में निजी जमीन पर भी निर्माण नहीं किया जा सकता।” अधिकारियों को इन्हीं आदेशों के अनुरूप अतिक्रमण हटाने को कहा गया है।

सौन्दर्यीकरण और नागरिक सुविधाओं पर फोकस:

जिलाधिकारी ने कहा कि प्रशासन का शहर के सौन्दर्यीकरण एवं नागरिक सुविधाओं की उपलब्धता पर विशेष फोकस है। अतिक्रमण हटाकर उन क्षेत्रों में वन, नगर विकास, पथ निर्माण विभाग द्वारा सौन्दर्यीकरण तथा विकास का कार्य कराया जाएगा। जेपी गंगा पथ, अशोक राजपथ और पटना साहिब जैसे सार्वजनिक स्थलों पर जन-सुविधाओं को बेहतर बनाने हेतु लगातार कार्य चल रहा है।

आदतन अतिक्रमणकारियों पर होगी कार्रवाई:

अनुमंडल पदाधिकारी एवं अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को आदतन अतिक्रमणकारियों के विरुद्ध विधि-सम्मत दंडात्मक कार्रवाई का निर्देश दिया गया है। अंचल अधिकारी द्वारा अतिक्रमणवाद प्रारंभ कर आगे की कार्रवाई तेजी से की जा रही है।

अतिक्रमण हटाने में कौन-कौन रहे शामिल:

आज के अभियान का नेतृत्व एसडीओ एवं एसडीपीओ ने किया। नगर दंडाधिकारी, डीएसपी नगर व्यवस्था वरीय पदाधिकारी के तौर पर प्रतिनियुक्त थे। नगर कार्यपालक पदाधिकारी, कार्यपालक दंडाधिकारी, अंचल अधिकारी को दंडाधिकारी बनाया गया था।

पटना का हो रहा वृहत विकास’:

जिलाधिकारी ने कहा कि पटना में पथ, सेतु, फ्लाई ओवर का निर्माण हुआ है और मेट्रो का कार्य तीव्र गति से चल रहा है। पार्किंग विकास, हरित विकास तथा अतिक्रमण मुक्ति की योजना पर काम हो रहा है। आवश्यकता के अनुसार यू-टर्न, पार्किंग, हरित क्षेत्र विकसित किए जाएंगे।

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