पटना। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शिक्षा विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि विभाग के सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं। उन्होंने कहा कि विभागीय कार्यों में किसी भी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी तथा जनता से प्राप्त सभी आवेदनों का अधिकतम 30 कार्यदिवस के भीतर निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में टीआरई-4 शिक्षक नियुक्ति, मॉडल स्कूल, स्थानांतरण नीति तथा शिक्षा व्यवस्था में सुधार से जुड़े विभिन्न विषयों की समीक्षा की गई। टीआरई-4 की तैयारियों पर चर्चा करते हुए मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 25 जुलाई तक बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) को अधियाचना भेज दी जाए, ताकि नियुक्ति प्रक्रिया समय पर आगे बढ़ सके।
प्रदेश के सभी प्रखंडों में स्थापित किए जा रहे मॉडल स्कूलों की प्रगति की समीक्षा के दौरान अधिकारियों ने बताया कि अब तक चार लाख से अधिक बच्चों का नामांकन हो चुका है। मंत्री ने अन्य राज्यों के मॉडल स्कूलों की कार्यप्रणाली का अध्ययन कर बिहार में बेहतर व्यवस्था लागू करने तथा इस विषय पर अगले सोमवार को विशेष बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने बताया कि शिक्षा सुधार एवं नवाचार के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की एक टीम अगले सप्ताह बिहार का दौरा करेगी। इसके मद्देनज़र सभी आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी करने को कहा गया।
बैठक में सिमुलतला आवासीय विद्यालय की व्यवस्थाओं में सुधार, मदरसा बोर्ड को नए भवन में स्थानांतरित करने, विद्यालयों की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने तथा शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
शिक्षा मंत्री ने निर्देश दिया कि सभी बीईओ एवं डीईओ प्रत्येक माह एक दिन गांव में रहकर अभिभावकों से संवाद करें और विद्यालयों से संबंधित फीडबैक प्राप्त करें। साथ ही कोटा, सीकर और अन्य प्रमुख शिक्षा केंद्रों की कोचिंग व्यवस्था का अध्ययन कर बिहार के लिए समग्र कोचिंग नीति तैयार करने के निर्देश भी दिए।
उन्होंने अपार आईडी निर्माण में लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले सरकारी एवं निजी विद्यालयों के विरुद्ध कार्रवाई करने, ई-शिक्षा कोष की व्यवस्था सुदृढ़ करने, निधियों के दुरुपयोग की जांच कराने तथा केंद्र से प्राप्त राशि का समय पर उपयोग सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया।
बैठक में राज्य स्वास्थ्य समिति की तर्ज पर राज्य शिक्षा समिति के गठन के प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श किया गया। शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में गुणवत्ता, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए विभाग लगातार सुधारात्मक कदम उठा रहा है तथा सभी योजनाओं की नियमित निगरानी की जाएगी।
