बिहार पर्यटन को नई उड़ान: ₹5,000 करोड़ निवेश, हेली-टूरिज्म, होमस्टे योजना और धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बड़ा बढ़ावा

पर्यटन विभाग की प्रेस कॉन्फ्रेंस में कई बड़ी घोषणाएं, पुनौराधाम, हरिहरनाथ, राजगीर सहित प्रमुख पर्यटन परियोजनाओं पर तेजी से चल रहा विकास कार्य।

पटना, 15 जुलाई 2026। बिहार सरकार के पर्यटन विभाग ने बुधवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में राज्य के पर्यटन क्षेत्र में हो रहे बड़े बदलावों और नई योजनाओं की जानकारी दी। विभाग ने बताया कि बिहार को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए धार्मिक, सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और इको-टूरिज्म को प्राथमिकता देते हुए करोड़ों रुपये की परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।
पर्यटन विभाग के अनुसार वर्ष 2025-26 में राज्य योजना मद से ₹1,301 करोड़ की योजनाओं को स्वीकृति दी गई, जबकि मुख्यमंत्री की प्रगति यात्रा-2025 के तहत ₹2,710 करोड़ की लागत वाली 36 प्रमुख पर्यटन परियोजनाओं पर कार्य जारी है।
विभाग ने बताया कि मां सीता की जन्मस्थली पुनौराधाम के समग्र विकास के लिए ₹942.38 करोड़, बाबा हरिहरनाथ मंदिर क्षेत्र के विकास के लिए ₹680 करोड़, सोमेश्वरनाथ मंदिर, राजगीर ब्रह्मकुंड, लव-कुश इको टूरिज्म पार्क, पटना हाट, पटना साहिब मल्टी लेवल पार्किंग सहित कई बड़ी परियोजनाएं प्रगति पर हैं।
पर्यटन विभाग ने मुख्यमंत्री होमस्टे प्रोत्साहन योजना-2026 का भी उल्लेख किया। इस योजना के तहत होमस्टे संचालकों को प्रति कमरे ₹2.5 लाख तक की कैपिटल सब्सिडी तथा महिला स्वयं सहायता समूह एवं युवा उद्यमियों को अतिरिक्त प्रोत्साहन दिया जाएगा।
राज्य में पर्यटन आधारभूत संरचना विकसित करने के लिए HUDCO सहित अन्य वित्तीय संस्थानों से ₹5,000 करोड़ तक का वित्तपोषण प्राप्त करने की भी मंजूरी दी गई है।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सिंधु दर्शन तीर्थ यात्रा वित्तीय सहायता योजना-2026 लागू की गई है, जिसके तहत यात्रियों को यात्रा व्यय का 50 प्रतिशत या अधिकतम ₹20,000 तक अनुदान मिलेगा। आवेदन प्रक्रिया 15 जुलाई 2026 से शुरू हो गई है।
पर्यटकों की सुविधा के लिए मुख्यमंत्री बिहार हेली-टूरिज्म एवं एयर टूरिज्म सेवा योजना-2026 भी शुरू की गई है। पहले चरण में वाल्मीकिनगर, राजगीर, मां मुंडेश्वरी मंदिर तथा पटना में हेलीकॉप्टर जॉय राइड की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
श्रावणी मेला-2026 के दौरान भागलपुर, मुंगेर और बांका में टेंट सिटी, पर्यटक सूचना केंद्र, लेजर शो, ड्रोन शो, दीदी की रसोई, वीआईपी सुविधाएं, थीमेटिक गेट और आधुनिक यात्री सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। साथ ही “श्रावणी मेला-2026: एक इंफ्लुएंसर की नजर से” प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी।
पर्यटन विभाग ने बताया कि बिहार में पटना, राजगीर और वैशाली में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) मॉडल के तहत पांच सितारा होटलों का निर्माण भी किया जा रहा है। बिहार पर्यटन नीति-2023 के तहत अब तक 37 परियोजनाओं को सैद्धांतिक स्वीकृति और 2 परियोजनाओं को अंतिम स्वीकृति दी जा चुकी है।
विभाग के अनुसार राज्य में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है और वर्ष 2026 के मई तक 3.42 करोड़ से अधिक पर्यटक बिहार का भ्रमण कर चुके हैं। सरकार का लक्ष्य बिहार को विश्वस्तरीय पर्यटन गंतव्य बनाना, बड़े पैमाने पर निवेश आकर्षित करना तथा लाखों लोगों के लिए रोजगार के अवसर सृजित करना है।

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