गुमला। झारखंड के गुमला जिले से रोज़गार की तलाश में दूसरे राज्यों में जाने वाले मजदूरों के साथ हो रहे शोषण, मारपीट और लूटपाट की घटनाओं पर सीएफटीयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष जुम्मन खान ने गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
जुम्मन खान ने कहा कि पालकोट प्रखंड के दमकरा गांव निवासी इंदु उरांव के साथ दूसरे राज्य में कथित रूप से हुई मारपीट, लूटपाट और अमानवीय व्यवहार की घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। इस घटना ने एक बार फिर प्रवासी मजदूरों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उन्होंने कहा कि यह कोई पहली घटना नहीं है। समय-समय पर गुमला के मजदूरों के साथ मारपीट, वेतन नहीं देना, बंधक बनाकर काम कराना, लूटपाट और हत्या जैसी घटनाएं सामने आती रही हैं। इसके बावजूद मजदूरों की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था नहीं बन गई है।
जुम्मन खान ने राज्य सरकार और जिला प्रशासन से मांग की कि इंदु उरांव मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच कर दोषियों को कड़ी सजा दी जाए। साथ ही पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता, बेहतर इलाज और कानूनी संरक्षण उपलब्ध कराया जाए।
उन्होंने यह भी मांग की कि झारखंड से बाहर काम करने वाले सभी मजदूरों का अनिवार्य पंजीकरण किया जाए तथा उनके लिए सुरक्षित रोजगार, हेल्पलाइन और त्वरित सहायता तंत्र विकसित किया जाए, ताकि संकट की स्थिति में उन्हें तत्काल मदद मिल सके।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि मजदूरों के शोषण की घटनाओं पर प्रभावी रोक नहीं लगी, तो श्रमिक संगठनों के साथ मिलकर व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि मजदूर देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनके सम्मान, सुरक्षा तथा अधिकारों की रक्षा करना सरकार और समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
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