पटना, 22 अगस्त। भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता सुरेश रुँगटा ने कहा कि बिहार अब अपने अतीत के गौरव से प्रेरणा लेकर भविष्य की अर्थव्यवस्था का नेतृत्व करने की ओर बढ़ चला है। पूर्वी भारत के आर्थिक विकास का इंजन के रूप में बिहार की भूमिका को मजबूत करने का लक्ष्य अब केवल राजनीतिक घोषणा भर नहीं है, बल्कि नई औद्योगिक नीति एवं नियमों में सुधार द्वारा इसे धरातल पर उतारने हेतु एक साथ कई कदम उठाएं गए हैं।
बिहार में निवेशकों को आकर्षित करने के लिए नियम और प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाया जा रहा है। जमीन से लेकर बिजली और अन्य समस्याओं के समाधान के लिए उद्यमियों को अब भटकना नहीं होगा। एकल खिड़की प्रणाली एवं डिजिटल मंच से सभी समस्याओं का समाधान होगा।
उन्होंने कहा कि यदि कोई विभाग 30 दिनों के अंदर एनओसी या अनुमोदन नहीं देता है, तो उसे स्वतः स्वीकृत मान लिया जाएगा। “ईज ऑफ डूइंग बिजनेस” के जरिए राज्य में औद्यौगिक प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जा रहा है। उद्योग विभाग द्वारा बिहार में लघु एवं सूक्ष्म उद्योग हेतु नई नीति का प्रारूप जारी कर इसके माध्यम से पाँच सालों में राज्य में व्यापक औद्योगिक कांति लाने और बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा करने की योजना बनाई गई है।
उंन्होने कहा कि बिहार ने कभी ज्ञान का दीपक पूरे राष्ट्र में जलाया था, वही बिहार अब उद्योग और उद्यमिता के लौ से नई आर्थिक कांति का मार्ग प्रशस्त करेगा। बिहार की उपजाऊ भूमि पर पैदा होने वाली फसलों से खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों के लिए स्टार्टअप के माध्यम से राज्य के युवा उद्यमियों को बढ़ावा दिया जा रहा है। जिससे विकास की यह यात्रा बिहार को आत्मनिर्भर, समृद्ध और सक्षम बनायेगी। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में राज्य की भाजपा सरकार कृत संकल्पित है। जिससे आने वाले वर्षों में बिहार उद्योग, निवेश और रोजगार की नई इबादत लिखेगा और पूर्वी भारत की आर्थिक प्रगति का उग्रदूत बनेगा।
