पटना, 25 अगस्त 2026। रक्षाबंधन के पूर्व बिहार सरकार ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण और स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर बड़ा अभियान शुरू किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित संवाद सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान अगले तीन वर्षों में राज्य की एक करोड़ महिलाओं को सीधे रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य घोषित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं और बहनों की प्रगति से ही विकसित और समृद्ध बिहार का संकल्प पूरा होगा। सरकार जीविका, स्वयं सहायता समूह, डेयरी, पशुपालन और अन्य क्षेत्रों के माध्यम से महिलाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर दे रही है।
कार्यक्रम में ‘सुधा सखी’, महिला संचालित पशु औषधि बिक्री केंद्र तथा ‘अनीमिया मुक्त बिहार’ विशेष अभियान की शुरुआत की गई। अनीमिया मुक्त बिहार अभियान 25 अगस्त से 30 नवंबर 2026 तक चलेगा। इसके तहत करीब 1 करोड़ 20 लाख 82 हजार 500 लाभार्थियों तक पहुंचने का लक्ष्य रखा गया है। अभियान में एनीमिया की जांच, उपचार, दवा और जागरूकता पर विशेष जोर दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग की अंतरजातीय विवाह करने वाली महिलाओं को बिहार सरकार की ओर से 1.25 लाख रुपये की सहायता दी जाएगी। केंद्र सरकार की सहायता को मिलाकर कुल 2.50 लाख रुपये की सहायता मिलने की बात कही गई है।
वहीं, प्रमुख प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने वाली सभी वर्गों की छात्राओं को 30 हजार रुपये से 1 लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि देने की घोषणा भी की गई।
डेयरी क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए सुधा सखी, जीविका सुधा बिक्री केंद्र और दूध संग्रहण केंद्रों से महिलाओं को जोड़ने की योजना है। राज्य के सभी 534 प्रखंडों में पशु औषधि बिक्री केंद्र खोलने का अभियान भी शुरू किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना सरकार की प्राथमिकता है और आने वाले वर्षों में रोजगार, स्वास्थ्य एवं स्वरोजगार के क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी को और बढ़ाया जाएगा।
मुख्य बिंदु
3 वर्षों में 1 करोड़ महिलाओं को रोजगार से जोड़ने का लक्ष्य
25 अगस्त से 30 नवंबर तक ‘अनीमिया मुक्त बिहार’ अभियान
1.20 करोड़ से अधिक लाभार्थियों तक पहुंचने का लक्ष्य
SC/ST महिलाओं के अंतरजातीय विवाह पर कुल 2.50 लाख रुपये सहायता
प्रतियोगी परीक्षा पास छात्राओं को 30 हजार से 1 लाख रुपये तक प्रोत्साहन
सभी 534 प्रखंडों में पशु औषधि बिक्री केंद्र खोलने की पहल
‘सुधा सखी’ के जरिए महिलाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर
