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नई दिल्ली:नई दिल्ली हब ऑफ ग्लोबल शेपर्स कम्युनिटी के युवा नवप्रवर्तकों की एक टीम ने वंचित समुदायों के लिए कम लागत वाला एयर प्यूरीफायर विकसित कर वैश्विक स्तर पर पहचान बनाई है। इस नवाचार के लिए टीम को विश्व आर्थिक मंच (World Economic Forum – WEF) के ग्लोबल शेपर्स एनुअल समिट 2026, जिनेवा में इनोवेशन प्राइज 2026 से सम्मानित किया गया।
इस सम्मान के साथ टीम को 10,000 स्विस फ्रैंक की अनुदान राशि भी प्रदान की गई है, जिससे इस पहल का विस्तार दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में किया जाएगा। यह पुरस्कार **एक्सेंचर (Accenture)** और **ग्लोबल एलायंस फॉर यूथ (Global Alliance for YOUth)** के सहयोग से प्रदान किया गया, जो विश्वभर के ग्लोबल शेपर्स हब्स की सबसे प्रभावशाली और विस्तार योग्य सामुदायिक पहलों में से एक को दिया जाता है।
यह परियोजना भारत की सबसे गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक वायु प्रदूषणका समाधान प्रस्तुत करती है। जहाँ बाज़ार में उपलब्ध एयर प्यूरीफायर की कीमत सामान्यतः *₹6,000 से ₹15,000 के बीच होती है, वहीं टीम ने केवल *₹1,450* की लागत में ऐसा एयर प्यूरीफायर विकसित किया है, जिससे स्कूलों, आश्रय गृहों, अस्पतालों और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए स्वच्छ हवा सुलभ हो सके।
इस नवाचार की शुरुआत अगस्त 2025 में एक साधारण प्रयोग से हुई। टीम ने एक घरेलू टेबल फैन, HEPA फ़िल्टर और कुछ सामान्य सामग्रियों की मदद से यह परीक्षण किया कि क्या कम लागत में भी प्रदूषित हवा को प्रभावी ढंग से शुद्ध किया जा सकता है। सकारात्मक परिणाम मिलने के बाद टीम ने कई महीनों तक शोध और परीक्षण कर उत्पाद को नए सिरे से डिज़ाइन किया, अनावश्यक घटकों को हटाया और निर्माण लागत को कम करते हुए इसे हल्का, पोर्टेबल, ऊर्जा-कुशल तथा सामुदायिक स्तर पर निर्मित किए जाने योग्य बनाया।
यह पहल केवल तकनीकी नवाचार तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं के स्वयं सहायता समूहों (Self-Help Groups) के साथ मिलकर स्थानीय स्तर पर एयर प्यूरीफायर का निर्माण कर रोजगार के अवसर भी सृजित कर रही है। NABL-प्रमाणित प्रयोगशाला में किए गए स्वतंत्र परीक्षणों में यह एयर प्यूरीफायर लगभग 80% PM2.5 और PM10कणों को हटाने में प्रभावी पाया गया, जिससे इनडोर वायु गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार संभव है।
पायलट चरण के दौरान 25 एयर प्यूरीफायर विभिन्न संस्थानों में स्थापित किए जा चुके हैं, जिनसे 250 से अधिक लोगों—बच्चों, बुजुर्गों और कमज़ोर प्रतिरक्षा वाले व्यक्तियों—को लाभ मिला है। इन्हें दीपालया स्कूल, शीओज़ ओल्ड एज केयर सेंटर, रोजावनम ओल्ड एज होम, गाज़ियाबाद जिला अस्पताल, अनाथालयों, आंगनवाड़ियों, आश्रय गृहों और अन्य सामुदायिक संस्थानों में स्थापित किया गया है। इसके साथ ही वायु प्रदूषण और इनडोर एयर क्वालिटी को लेकर जन-जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किए गए हैं तथा विभिन्न निर्माण एवं क्रियान्वयन साझेदारों के साथ सहयोग स्थापित किया गया है।
अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिलने के बाद अब इस पहल के अगले चरण में दिल्ली के विभिन्न क्षेत्रों में 410 अतिरिक्त एयर प्यूरीफायर स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिससे 2,000 से अधिक लोगों तक स्वच्छ हवा पहुँचाई जा सके। दीर्घकालिक लक्ष्य पूरे भारत में एक विकेंद्रीकृत, समुदाय-आधारित निर्माण मॉडल विकसित करना है, जिसे अन्य ग्लोबल शेपर्स हब्स भी अपनाकर स्थानीय स्तर पर लागू कर सकें। साथ ही, “पाँच खरीदें, एक दान करें” (Buy Five, Donate One) मॉडल के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा कि स्वच्छ हवा तक पहुँच किसी व्यक्ति की आय पर निर्भर न रहे।
परियोजना की प्रमुख अदिति अग्रवाल ने जिनेवा में आयोजित विश्व आर्थिक मंच के ग्लोबल शेपर्स एनुअल समिट के दौरान टीम की ओर से इनोवेशन प्राइज 2026 प्राप्त किया। यह उपलब्धि किफायती, सामुदायिक और प्रभावशाली नवाचारों के क्षेत्र में भारत की बढ़ती वैश्विक पहचान को दर्शाती है।
