पटना, संवाददाता।पटना जिला अंतर्गत दौलतपुर गांव स्थित सामुदायिक भवन सह ग्राम विकास समिति कार्यालय में रविवार को प्रस्तावित सैटलाइट टाउनशिप परियोजना के विरोध में किसानों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में बड़ी संख्या में क्षेत्र के किसान शामिल हुए और सरकार की भूमि अधिग्रहण नीति का विरोध जताया।
किसानों ने कहा कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन ऐसा विकास स्वीकार नहीं किया जा सकता जो उनकी पहचान, आजीविका और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को प्रभावित करे। किसानों का कहना था कि बिहार एक कृषि प्रधान राज्य है और अधिकांश परिवारों की जीविका कृषि पर निर्भर है। ऐसे में उपजाऊ कृषि भूमि का अधिग्रहण किसानों के अस्तित्व पर संकट खड़ा कर देगा।
बैठक को संबोधित करते हुए पूर्व मुखिया देव कुमार सिंह ने कहा कि यदि सरकार किसानों की मांगों की अनदेखी करती है तो इसके खिलाफ व्यापक जन आंदोलन चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जमीन केवल संपत्ति नहीं, बल्कि किसानों की आजीविका और उनकी विरासत है।
युवा नेता धर्मेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि क्षेत्र की भूमि उपजाऊ कृषि भूमि है, न कि बंजर या पथरीली जमीन। इसी भूमि के सहारे किसानों के परिवार पीढ़ियों से जीवनयापन कर रहे हैं। यदि कृषि भूमि ही नहीं बचेगी तो किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट उत्पन्न हो जाएगा।
बैठक में उपस्थित किसानों ने एक स्वर में कहा कि वे सैटलाइट टाउनशिप परियोजना के लिए अपनी जमीन नहीं देंगे। किसानों ने चेतावनी दी कि भूमि अधिग्रहण के विरोध में वे लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर बड़े आंदोलन का रास्ता भी अपनाएंगे।
