बिहार कैबिनेट के ऐतिहासिक फैसले: एयरपोर्ट, AI, पर्यटन, पंचायत और सामाजिक सुरक्षा को मिली नई दिशा

पटना, 15 जुलाई। बिहार मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य के विकास, आधारभूत संरचना, पर्यटन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ग्रामीण स्वशासन, सामाजिक सुरक्षा और कानून-व्यवस्था से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान की गई। इन निर्णयों का उद्देश्य राज्य में आधुनिक सुविधाओं का विस्तार, रोजगार सृजन, निवेश को बढ़ावा और आम नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है।
कैबिनेट ने बिहार की जेलों में निरुद्ध बंदियों की प्राकृतिक मृत्यु, प्राकृतिक आपदा अथवा अप्राकृतिक कारणों से मृत्यु होने की स्थिति में उनके विधिक आश्रितों या निकटतम परिजनों को मुआवजा देने की नई नीति को मंजूरी दी। इसके साथ ही हाजीपुर शहर में अमृत 2.0 योजना के तहत ₹232.90 करोड़ की लागत से सीवरेज नेटवर्क एवं 7 एमएलडी क्षमता वाले सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के निर्माण को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। इस परियोजना से शहर के आठ वार्डों के परिवारों को आधुनिक सीवरेज सुविधा उपलब्ध होगी।
परिवहन क्षेत्र में दोपहिया, तिपहिया तथा व्यवसायिक वाहनों के मोटर वाहन कर में संशोधन को मंजूरी दी गई है। वहीं कैमूर स्थित माँ मुंडेश्वरी भवानी मंदिर की नवनिर्मित धर्मशाला के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी माँ मुंडेश्वरी भवानी मंदिर न्यास समिति को सौंपने का निर्णय लिया गया।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सीतामढ़ी के पुनौराधाम में माँ सीता की जन्मस्थली के समग्र विकास के लिए गठित श्री जानकी जन्मभूमि पुनौराधाम मंदिर न्यास समिति के ट्रस्ट डीड को मंजूरी दी गई तथा 50.8925 एकड़ भूमि निःशुल्क न्यास समिति को हस्तांतरित करने का निर्णय लिया गया। लगभग ₹942.38 करोड़ की इस महत्वाकांक्षी परियोजना से पुनौराधाम को अयोध्या की तर्ज पर विकसित किया जाएगा।
ग्रामीण स्वशासन को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ग्राम पंचायत कर, दर एवं शुल्क नियमावली-2026 को मंजूरी दी गई है। इसके तहत पंचायतें निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार विभिन्न कर एवं शुल्क लगाकर अपनी आय बढ़ा सकेंगी। वहीं मुख्यमंत्री वृद्धजन आश्रय स्थल योजना के बेहतर संचालन के लिए इसे समाज कल्याण विभाग के अधीन संचालित करने का निर्णय लिया गया।
तकनीकी क्षेत्र में बिहार स्टेट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (AI CoE) कॉरपोरेशन के गठन को मंजूरी दी गई। यह संस्था राज्य में एआई अनुसंधान, स्टार्टअप, कौशल विकास, हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग और डिजिटल नवाचार को बढ़ावा देगी। साथ ही बिहार पर्यटन सेवा नियमावली को स्वीकृति देते हुए पर्यटन विभाग के लिए नई सेवा संरचना लागू करने का निर्णय लिया गया।
पर्यटन अवसंरचना के विस्तार के लिए बिहार स्टेट रोपवेज कंपनी लिमिटेड के गठन को मंजूरी मिली है। यह कंपनी राज्य के धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों पर आधुनिक रोपवे परियोजनाओं का विकास, संचालन और प्रबंधन करेगी। इसके अतिरिक्त उपचारित अपशिष्ट जल के सुरक्षित पुनः उपयोग हेतु बिहार जल पुनः उपयोग नीति-2026 को भी स्वीकृति दी गई।
कैबिनेट ने भागलपुर ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे का नाम बदलकर अजगैबीनाथ धाम ग्रीनफील्ड हवाई अड्डा करने तथा लगभग 3,145 एकड़ भूमि अधिग्रहण के लिए ₹1,329.58 करोड़ से अधिक की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की। इसके अलावा राजगीर तथा रोहतास-कैमूर क्षेत्र में नए ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट के विकास हेतु भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) के साथ समझौता ज्ञापन को मंजूरी दी गई।
बिहार उड्डयन संस्थान के प्रशिक्षुओं के लिए मल्टी इंजन Beechcraft Baron G58 विमान लीज पर लेने की स्वीकृति भी दी गई, जिससे राज्य में ही आधुनिक पायलट प्रशिक्षण उपलब्ध होगा। कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए महिला पुलिसकर्मियों के लिए 1000 पेट्रोल एवं 500 इलेक्ट्रिक स्कूटर खरीदने का निर्णय लिया गया।
शिक्षा के क्षेत्र में आदर्श विद्यालय योजना का विस्तार करते हुए राज्य के अन्य माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों को भी इस योजना में शामिल करने का निर्णय लिया गया। इन विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, विज्ञान प्रयोगशाला, आईसीटी लैब, पुस्तकालय और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
इसके अतिरिक्त वर्ष 2011 की जनगणना के आधार पर ग्राम पंचायत, पंचायत समिति एवं जिला परिषद क्षेत्रों के परिसीमन का निर्णय लिया गया है, जिससे स्थानीय स्वशासन को अधिक प्रभावी, संतुलित एवं जनसंख्या के अनुरूप बनाया जा सकेगा।
बिहार सरकार के इन फैसलों को राज्य में आधारभूत संरचना, धार्मिक पर्यटन, डिजिटल नवाचार, ग्रामीण विकास, शिक्षा, सामाजिक सुरक्षा और निवेश को नई गति देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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