गुमला/रांची:
मुंबई के बांद्रा रेलवे स्टेशन से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हुआ झारखंड के गुमला जिले का प्रवासी मजदूर ईन्दो उरांव अंधेरी (मुंबई) में मिल गया है।
इस घटना के बाद मजदूर संघ C.F.T.U.I. के झारखंड प्रदेश उपाध्यक्ष जुम्मन ख़ान ने प्रवासी मजदूरों के साथ हो रहे दुर्व्यवहार, मारपीट और लूटपाट पर गहरा रोष व्यक्त किया है। उन्होंने इस पूरे मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए जिला प्रशासन, राज्य सरकार और केंद्र सरकार से ठोस कदम उठाने की मांग की है।
ईन्दो उरांव 23 जुलाई को गांव के ही तीन अन्य साथियों के साथ काम करने के लिए राउरकेला से मुंबई के लिए निकला था।
24 जुलाई को बांद्रा रेलवे स्टेशन पहुंचने के बाद वह अचानक रहस्यमय ढंग से लापता हो गया।
साथ गए साथियों ने काफी खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग न मिलने पर उन्होंने परिजनों को सूचित किया।
मजदूर संघ C.F.T.U.I. से लगाई थी गुहार
परिजनों द्वारा अपने स्तर पर खोजबीन करने के बाद भी जब ईन्दो उरांव का पता नहीं चला, तो उसके भाई संदीप किंडो ने 27 जुलाई को मजदूर संघ C.F.T.U.I. के प्रदेश उपाध्यक्ष जुम्मन ख़ान को लिखित आवेदन देकर अपने भाई की तलाश की अपील की थी।
आवेदन मिलने के तुरंत बाद C.F.T.U.I. की टीम और स्थानीय नेटवर्क की मदद से मुंबई में छानबीन शुरू की गई, जिसके बाद लापता मजदूर को अंधेरी (मुंबई) से सकुशल ढूंढ निकाला गया।
500 से अधिक मजदूरों की हो चुकी है घर वापसी
जुम्मन ख़ान ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2021 से 2026 तक C.F.T.U.I. की गुमला जिला और झारखंड प्रदेश टीम ने मिलकर 500 से अधिक लापता प्रवासी मजदूरों को खोजकर उनके घर सुरक्षित पहुंचाने का काम किया है। उन्होंने दोहराया कि उनका संगठन आगे भी प्रवासी और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के अधिकारों व सुरक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करता रहेगा।
