बिलासपुर संदीप पांडे बने स्थाई DEO
बिलासपुर – 10/09/2026_
बिलासपुर।लगभग 3 महीने के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार बिलासपुर जिले को स्थाई जिला शिक्षा अधिकारी मिल ही गया। 8 सितंबर 2026 को श्री संदीप पांडे को बिलासपुर जिले का नया जिला शिक्षा अधिकारी बनाया गया है। अब देखना यह होगा कि परमानेंट DEO मिलने के बाद जिले की बदहाल शिक्षा व्यवस्था में सुधार होगा या फिर पहले जैसा ही हाल रहेगा।
कैसे खाली रही DEO की कुर्सी – 3 महीने में 3 अफसर
आपको बता दें कि DEO विजय तोंडे के ट्रांसफर होने के बाद *मरामेश्वर जायसवाल को जिला शिक्षा अधिकारी बनाया गया था, लेकिन उनका मामला हाईकोर्ट में चला गया और कुर्सी फिर खाली हो गई।
उसके बाद लगभग एक से डेढ़ माह तक डॉ. अजय कौशिक को जिला शिक्षा अधिकारी का प्रभार दिया गया, लेकिन उन्होंने भी जिले की शिक्षा व्यवस्था और बदहाली को लेकर कोई खास कदम नहीं उठाया। 30 अगस्त को उनका भी रिटायरमेंट हो गया और जिले की शिक्षा विभाग की कुर्सी फिर से खाली हो गई थी। अब 8 सितंबर को संदीप पांडे की नियुक्ति के बाद लोगों में उम्मीद जगी है।
18 साल से रुकी है चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति – बाबुओं का एक ही रटा-रटाया जवाब
जिले में शिक्षा व्यवस्था पूरी तरीके से बदहाल है। सबसे बड़ा मुद्दा चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति का है, जो पिछले 18 साल से रुकी हुई है।
लोक शिक्षण संचालनालय छत्तीसगढ़ के आदेश के अनुसार बिलासपुर संभाग के 8 जिलों में 15 अगस्त 2026 तक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति होनी थी, लेकिन आज दिनांक 9 सितंबर 2026 तक पदोन्नति तो दूर, अभी तक वरिष्ठता सूची तक नहीं निकाली गई है।
जब भी प्रभार में बैठे बाबुओं से बात करो तो उनका एक ही स्टेटमेंट रहता है – “आज की डेट में हो जाएगा, आज की डेट में हो जाएगा”लेकिन आज तक पदोन्नति के लिए एक भी कदम आगे नहीं बढ़ा है। सैकड़ों कर्मचारी 18 साल से पदोन्नति की आस में बैठे हैं।
स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी, एक-दो शिक्षक के सहारे चल रहे स्कूल
जिले के स्कूलों में शिक्षकों की कमी की वजह से छात्रों की पढ़ाई बुरी तरह प्रभावित हो रही है। कई ऐसे स्कूल हैं जहां सबसे अधिक बच्चे दर्ज हैं, लेकिन वहां सिर्फ एक प्रधान पाठक और एक शिक्षक के सहारे पूरा स्कूल चल रहा है।
अगर बिलासपुर जिले के दूरांचल स्कूलों की बात करें तो वहां पर तो और भी बदहाली नजर आती है। न पर्याप्त शिक्षक हैं, न सुविधाएं।
अब सभी की निगाहें नए जिला शिक्षा अधिकारी श्री संदीप पांडे पर टिकी हैं। देखना होगा कि उनका कार्यकाल जिले की शिक्षा व्यवस्था के लिए क्या नया लेकर आता है, क्या 18 साल से रुकी पदोन्नति की फाइल खुलेगी और क्या दूरांचल के स्कूलों की बदहाली दूर होगी।
