पटना। बिहार में प्रतिपक्ष नेता एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि संवैधानिक संस्थाओं पर केंद्र की भाजपा सरकार का प्रभाव बढ़ रहा है और चुनाव प्रक्रिया को लेकर विपक्ष की चिंताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है।
तेजस्वी यादव ने दावा किया कि चुनाव आयोग को निष्पक्ष तरीके से काम करना चाहिए और बिहार तथा पश्चिम बंगाल में दोबारा चुनाव कराने की मांग की। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर भी सवाल उठाते हुए कहा कि केवल एक चुनाव आयुक्त को हटाने से समस्या का समाधान नहीं होगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावों के दौरान नियमों की अनदेखी की गई और विपक्ष को नुकसान पहुंचाने के लिए सरकारी तंत्र का इस्तेमाल किया गया। तेजस्वी यादव ने ईडी, सीबीआई और आयकर विभाग जैसी केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग का भी मुद्दा उठाया।
तेजस्वी यादव ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की प्रक्रिया में पहले भारत के मुख्य न्यायाधीश की भूमिका हुआ करती थी, जबकि अब व्यवस्था में बदलाव किया गया है। उन्होंने चुनाव परिणामों को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि विपक्ष लगातार चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहा है।
उनके अनुसार, चुनाव आयोग को विपक्ष की मांगों पर जवाब देना चाहिए और चुनाव प्रक्रिया को लेकर उठ रहे सवालों का स्पष्ट समाधान होना चाहिए।
गौरतलब है कि निर्वाचन आयोग ने 23 सितंबर 2026 को जारी अपने बयान में कहा कि आंतरिक नोट्स, सवाल और अलग-अलग विचार उसकी सामान्य निर्णय-प्रक्रिया का हिस्सा हैं तथा आयोग के आदेश, सुधार और डिजिटल प्रणालियां कानूनी प्रक्रियाओं और सुरक्षा उपायों के अनुरूप हैं।
