बिहार में बनेगा परमाणु ऊर्जा संयंत्र: 4 स्थलों की समीक्षा, मुख्य सचिव ने दिए मिशन मोड में काम के निर्देश

पटना, 09 जुलाई: बिहार में परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं की दिशा में बड़ा कदम बढ़ा है। मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में गुरुवार को राज्य में प्रस्तावित 2×700 MWe क्षमता वाले प्रेशराइज्ड हैवी वॉटर रिएक्टर (PHWR) परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई।

बैठक में राष्ट्रीय स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्यों और ‘नेट-ज़ीरो’ उद्देश्यों के अनुरूप राज्य में विश्वसनीय बेस-लोड विद्युत उत्पादन के लिए परमाणु ऊर्जा के विकास पर चर्चा हुई। चार प्रस्तावित स्थलों – बांका (भितिया), नवादा (रजौली), सीवान (दरौली) एवं बांका (शंभूगंज) की तकनीकी, भूमि एवं जल उपलब्धता की विस्तृत समीक्षा की गई।

 

अधिकारियों ने बताया कि 2×700 MWe क्षमता के एक संयंत्र के लिए प्रतिवर्ष लगभग 80 मिलियन क्यूबिक मीटर जल की जरूरत होगी। इसमें 58 MCM की खपत होगी और 22 MCM विकिरण-मुक्त जल रीसायकल कर सिंचाई में उपयोग होगा। प्रत्येक साइट के लिए करीब 1000 एकड़ भूमि आवश्यक है।

क्या हुआ निर्णय

1. बांका भितिया (NTPC): जल संसाधन विभाग

द्वारा बदुआ जलाशय से 80 MCM/ वर्ष जल की NOC और वन विभाग की स्वीकृति मिल चुकी है। मुख्य सचिव ने जिला प्रशासन को स्थानीय बाधाएं दूर कर प्रशासनिक सहयोग देने का निर्देश दिया।

2. नवादा रजौली (NTPC): NTPC ने बताया कि

पास में मेजर फॉल्ट लाइन होने के कारण AERB के भूकंपीय मानकों पर यह साइट उपयुक्त नहीं है।

3. सीवान दरौली और बांका शंभूगंज (NPCIL): मुख्य सचिव ने जल संसाधन विभाग से दोनों स्थलों के लिए 80 MCM जल की सशर्त NOC/आश्वासन जल्द लेने को कहा। यह अंतिम आवंटन और अन्य स्वीकृतियों के अधीन होगा।

मुख्य सचिव ने सभी विभागों को अगले 12 माह में बोरहोल ड्रिलिंग अनुमति, भूमि का सैद्धांतिक आश्वासन और जल आवंटन जैसी नियामकीय स्वीकृतियां मिशन मोड में पूरी करने का निर्देश दिया, ताकि केंद्र से सैद्धांतिक स्वीकृति शीघ्र मिल सके।

बैठक में ऊर्जा, जल संसाधन, राजस्व, वन-पर्यावरण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी तथा NTPC और NPCIL के प्रतिनिधि मौजूद थे।

 

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